रुई-सूत के कारण ग्रे कपड़े में मजबूती : उत्पादन हुआ आधा, ग्राहकी का अभाव
विंटर सीजन के लिए लायक्रा और नीट्स की अधिक सैम्पýलग 

नोटबंदी की मार से स्थानीय कपड़ा बाजार अर्द्धमूर्छित अवस्था में था तो 1 फरवरी को केंद्रीय बजट और फरवरी–मार्च में 5 राज्यों के विधानसभाओं के चुनाव होने की घोषणा से ग्राहकी एकदम शान्त है। अब मार्च अंत तक बाजार सामान्य नहीं होगा ऐसा माना जा रहा है। इस समय संक्रांति काल और साउथ में आडीमास होने से ग्राहकी नहीं है। ऐसा मानना है कि मकर संक्रांति के बाद थोड़ी ग्राहकी निकलेगी। 

केंद्रीय बजट में इस बार मैन मेड फाइबर पर एक्साइज डय़ूटी घटाये जाने की संभावना है। इससे मैन मेड कपड़े की मांग अवरुद्ध हो गई है। 

चुनाव के समय देशावरों की कपड़े की ग्राहकी ठप रहने का अनुभव है। मात्र चुनाव के समय धन अधिक खर्च होने से वहां बाजार का वित्तीय संकट हल्का हो जाता है। 

पोंगल जो कि तमिलनाडु का नया वर्ष है वह 14 जनवरी को है। इससे तमिलनाडु में 12 से 20 जनवरी तक सब बन्द रहते हø। तमिलनाडु सरकार पोंगल के के अवसर पर 486 करोड़ रुपए की 62 लाख साड़ी और 62 लाख धोती गरीब प्रजा को मुफ्त में देने वाली है। इससे धोती, साड़ी के लूम वहां रात दिन चल रहे है । 

साउथ में नोटबंदी के बाद लूम एक ही शिफ्ट में चल रहे है । वहां उत्पादन आधे से कम होने से ग्रे कपड़े का भाव मजबूत बोला जा रहा है। सामने ग्राहकी बिल्कुल न होने से भाव में समझौता भी किया जाता है। इस तरह मांगों तो गरम और न मांगो तो नरम ऐसा कहा जाता है।

यूएसए, यूके, यूरोप में पिछले पखवाड़े से क्रिसमस वैकेशन होने से कहीं भी काम नहीं हुआ वहां सोमवार से सब खुलने लगेगा। 

कोलकाता में शत–प्रतिशत कामकाज 2 नंबर का होने से फिलहाल वहां एकदम  बंद है। दिल्ली में 80 से 90 प्रतिशत कामकाज 2 नंबर में होता है। इससे नोटबंदी का असर कोलकाता, दिल्ली की तरफ अधिक हो रहा है। 

नोटबंदी के बाद नार्मल कपड़े का बिजनेस घटकर 50 प्रतिशत हो गया है। विंटर की नई सैम्पýलग शुरू हो गई है। लेकिन आगे क्या चलेगा इसका पता किसी को नहीं है। नोटबंदी के बाद पूरा सिस्टम लकवाग्रस्त हो गया है। इस समय मिलें और वीýवग इकाइयां एकाध शिफ्ट में ही चल रही है । प्रोसेस हाउस सप्ताह में तीन दिन चलता है। गारमेंट इकाइयां 40 प्रतिशत क्षमता से ही चल रही है । 

किस्मवार परिस्थिति

ग्रे कपड़ा : रुई और सूत में सुधार के पीछे ग्रे सूती कपड़ा मजबूत रहा है। 60–60 92–88 49 इंच टेबल चेýकग ग्रे का भाव 31.50 से 32 रु. और सेमी का 29.50 से 30 रु. रहा। 40–60 72–72 कैम्ब्रिक अच्छे ग्रे का भाव 28.50 रु. और 8500 ग्राम वजन की ग्रे क्वालिटी का भाव 25.50 से 26 रु. रहा। 40–60 68–68 ग्रे 24.50 से 25 रु. और 40–60 62–62 ग्रे 21.50 रु. है। 

सूती मलमल 80–100 68–64 ग्रे 19.50 से 20.25 रु. है। 100–100 78–68 ग्रे 20.50 से 21 रु. है। 60–60 58–50 ग्रे 15.50 से 16.50 रु. है। 70–90 92–54 ग्रे 18.50 से 19 रु. है। 

50 पीसी 80–76 8500 ग्रे 19.50 से 20.50 रु. है और पीवी 80–76 10500 से 10700 गे 23.50 से 24 रुपए है। पीवी कम खपता है। 

हल्का लांग क्लाथ : चुनाव के लिए कपड़े का बैनर पिछले 8 वर्ष से उपयोग होना बन्द हो गया है। बैनर के लिए पहले हल्के लांग क्लाथ का उपयोग होता था अब यह कपड़ा कफन, लाइýनग या स्टिýचग के लिए उपयोग होता है। 

बुरहानपुर में बनते 34–34 नहरबाग 36 इंच का बाजार भाव 12 से 21 रु. तक है। अब नहरबाग के उत्पादन में कोई भी मिल नहीं रही। 

डेनिम : जीन्स के लिए डेनिम कपड़े में 5.50 आøस, 9.50 आøस, 10.50 आøस का लोकल में और 14.50 आøस की निर्यात मांग है। हालांकि, उत्पादक काफी बढ़ जाने से मालों की छूट है। डेनिम में खड़ी प्रिंट और डिस्चार्ज प्रिंट का प्रोग्राम मिलता है। 

गार्म़ेंट्स वेयर कपड़ा : समर सीजन पूरा फेल हो गया है। समर सीजन का स्टाक पड़ा है। अब सभी विंटर की तैयारी में लगे है । 

यार्न डाइड में नार्मल चेक्स की मांग नहीं है, फिर भी कार्बन फिनिश के चेक्स की मांग निकली है। अब 40–40 काउंट के चेक्स नहीं बिक रहे है । अब हायर राउंड के चेक खपते है । 50 काउंट और इजिप्शियन काटन मिक्सिंग के साथ चेक्स की मांग अधिक है।  फाइन चेक्स का भाव 170 से 180 रु. है और सप्लायर गार्म़ेंट इकाइयों को 200 से 225 में बेचते है । 

चेक्स में वैल्यू एडिशन मंगाया जाता है इससे उत्पादक नार्मल यार्न के बदले फøसी यार्न का उपयोग करने लगे है । 

लिनन–काटन कपड़ा जो बीच में बंद हो गया था उसके पीछे थोड़ी मांग निकली है।

इसमें प्लेन मात्र ब्रांड्स में ही चलता है। 

डिस्चार्ज प्रिंट अधिक बिकता है। 

प्लेन में शेमरे, साटिन, फिलाफिल आदि की पुन: मांग निकली है। प्रिंट की मांग थोड़ी घटी है इसके बावजूद स्पेशलाइज्ड प्रिंट की मांग है। प्रिंट में बारीक डिजाइन और फ्लावर डिजाइन बिकता है।  विंटर के पूरे सीजन में सबसे अधिक लायक्रा बिकेगा ऐसा माना जा रहा है। यह लेडीज वेयर, जेट्स वेयर और किड्स वेयर में उपयोग होता है। 

दूसरे क्रम में सबसे अधिक मांग नीट्स की मांग रहेगी और लेडीज वेयर और किड्स वेयर में नीट्स–लायक्रा साथ में चलता है। नीट्स–लायक्रा कपड़े में जेकार्ड, डिजिटल प्रिंट, डिस्चार्ज प्रिंट की मांग है।

सूýटग में 80 प्रतिशत डेनिम और 20 प्रतिशत काटन सूýटग बिकता है। काटन सूटिंग्स में फाइन डबल काउंट की मांग अधिक है। डेनिम में डेनिम लायक्रा अधिक बिकता है। 

जेंट्स बाटम वेयर में भी लायक्रा के साथ काटन सूटिंग्स अथवा डेनिम खपता है। महिलाएं टाइट बाटम पहनती है जिससे लायक्रा जैसे स्टैचेबल कपड़ा पहने यह समझा जा सकता है। लेकिन जेंट्स बाटम वेयर में लायक्रा की क्या जरूरत है?

नोटबंदी के बाद संगठित क्षेत्र की शीर्ष गार्म़ेंट ब्रांडों की बिक्री उल्टे बढ़ने लगी है। वीवा, अनिता डोंगरे, रितु कुमार, स्पाइकर आदि की बिक्री बढ़ी है। ब्रांड के ग्राहक क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करते है अथवा आन लाइन खरीदी करते है ।

उद्योग की हलचल

–  कस्तूरी स्पिýनग मिल्स के भूतपूर्व चेयरमैन कृष्णकुमार चत्रभुज जीवराज जोबनपुत्रा (69 वर्ष) का 31 दिसंबर को कोयम्बतूर में निधन हो गया। वे कोयम्बतूर गुजराती समाज के भूतपूर्व प्रमुख थे।

– टेकोया ट्रेंड पब्लिकेशन ग्रुप के तत्वावधान में `फाइबर एंड यार्न 2017' फेयर 6 से 8 अप्रैल 2017 को मुंबई के कफ परेड वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में आयोजित होगा।

– हरियाणा के पंचकुला में नेशनल इन्स्टीटय़ूट आफ फैशन टेक्नोलाजी (नीफ्ट) सेंटर का भूमिपूजन करती हुई केंद्रीय टेक्स. मंत्री स्मृती ईरानी ने कहा कि पानीपत, अंबाला, सीरसा, पंचकुला में सिल्क वीýवग कारखाना स्थापित करने के लिए हरियाणा राज्य को केंद्र सरकार सहयोग देगी। 

– मंधाना में राकेश झुनझुनवाला ने निवेश कर 3 प्रतिशत हिस्सा हस्तगत करने की बाजार में चर्चा है।