कृषि से संबंधित क्षेत्रों में रोजगार के बेहतर अवसर : सिंह
कृषि व कौशल विकास पर राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित

हमारे संवाददाता 

नई दिल्ली । कृषि व इससे संबंधित क्षेत्रों में रोजगार के बेहतर अवसर सृजित हुए हø।जिसके तहत खेती की इस मांग की पूर्ति को लेकर कुशल युवाओं की आवश्यकता है।जिसको लेकर मोदी सरकार की तरफ से गहन शिक्षण व प्रशिक्षण का व्यापक प्रावधान किया गया है। जिसके तहत हुनरमंद लोगों को आवश्यकता को लेकर कौशल विकास की बड़ी परियोजना शुरु की गई है।जिससे हुनरमंद लोगों को प्रशिक्षित करने को लेकर कृषि मंत्रालय और कौशल वाकस के सहयोग से देश भर में प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है।

     इस अवसर पर मोदी सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री राधामोहन सिंह ने कहा कि कृषि से संबंधित एग्री वेयरहाउसिंग,कोल्ड चेन,सप्लाई चेन,डेयरी,पोल्ट्री,मीट,मछली,बागवानी,खेती,मशीनीकरण,माइक्रो सिंचाई जैसे क्षेत्रों में हुनरमंद युवाओं को लेकर रोजगार के बेहद अवसर सृजित हुए है । जिसके तहत खेती का एक ऐसा विकास अब से पहले देखने को नहीं मिला। जिसको लेकर मोदी सरकार का कहना है कि कृषि को एक निजी उद्यम के रुप में विकसित करने और युवाओं को इससे जुड़ने की आवश्कता है।जिसको लेकर कृषि मंत्रालय की तरफ से चार स्तरों पर कार्य किया जा रहा है। जिसके तहत उत्पादकता बढाना,पोस्ट हार्वेस्टिंग मैनेजमेंट,किसानों को उपज का उचित मूल्य दिलाने, कृषि में जोखिम घटाने और बागवानी,पशुपालन,मछली पालन जैसे आय के अन्य साधन विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।श्री सिंह ने कहा कि युवाओं और किसानों को कौशल विकास की दिशा में कृषि मंत्रालय रणनीतिक रुप से काम कर रहा है। जिसके तहत प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना,ई-नाम,सॉयल हेल्थकार्ड,परम्परागत कृषि विकास योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत कृषि विकास के इस प्रयास में महत्वपूर्ण साबित होगी।जिससे कौशल विकास की दिशा में 100 कृषि विज्ञान केन्द और अन्य प्रशिक्षण संस्थान अहम भूमिका निभाएंगे।जिसको लेकर कृषि मंत्रालय की तरफ से 2022 तक कुल 6.35 लाख युवाओं को हुनरमंद बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।जिसके तहत अगले वर्ष से 200 घंटे से अधिक प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है।जिसमें मधुमक्खी पालन, कम्पोस्ट खाद बनाना,चर्मी कम्पोस्ट तैयार करने, पशुधन और दुग्ध उद्योग प्रमुख होगा।राष्ट्रीय स्तर के इस प्रशिक्षण के बाद ऐसे सेमीनार व प्रशिक्षण कार्यक्रम क्षेत्रीय स्तर पर चलाए जाएंगे।