जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक होगी 16 जनवरी को
हमारे संवाददाता

नई दिल्ली । गुड्स एण्ड सर्विस टैक्स (जीएसटी) को लेकर पिछली बैठक में कोई सार्थक समाधान नहीं निकल पाया।जिससे स्वाविक है कि जीएसटी पर अभी भी गतिरोध कायम है।जिसके तहत मुख्य रुप से करदाताओं पर नियंत्रण और समुद्री क्षेत्र में व्यापार करने पर करों को लेकर केद्र और राज्य अपने अपने रुख से पीछे हटने को कतई तैयार नहीं है।जिससे अब जीएसटी की क्रियान्वयन सितम्बर तक टलने की आशंका है।ऐसे में जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक 16 जनवरी को नई दिल्ली में पुन: बुलाई गई है।जिसमें एक बार फिर से जीएसटी पर गतिरोध को दूर करने का पूरजोर प्रयास किया जाएगा।ऐसे में देखना यह होगा कि जीएसटी पर किस कदर बात बन पाती है।जिसको लेकर भारतीय उद्योग व्यापार जगत सहित उपभोक्ता और केद्र व राज्यों सरकारों की तिरछी नजर टिकी हुई है और जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक को लेकर विशेष रुप से उत्सुकता बनी हुई है।

     दरअसल जीएसटी काउंसिल की पिछली बैठक में एक तरफ जीएसटी के तहत दूरसंचार,आईटी,बøक,बीमा उद्योग को लेकर केद्रीयकृत पंजीकरण की व्यवस्था की चाहत है।जिसको लेकर अभी भी गतिरोध बना हुआ है।वहीं दूसरी तरफ इस बैठक में एकीकृत कानून व्यवस्था को लेकर विस्तृत रुप से चर्चा की गई लेकिन कई मुद्दों पर केद्र व राज्यों की बीच आपसी सहमति नहीं बन पाई। जिसके तहत समुद्री क्षेत्र में होने वाले व्यापार पर कर लगाने का अधिकार केद्र या राज्यों को लेकर गतिरोध बना हुआ है।ऐसे में इसको लेकर एक संवैधानिक समाधान निकालने की आवश्यकता है।