स्पिनिंग उद्योग की ज्यादा प्रोत्साहनों की मांग

यार्न निर्यात बढ़ाने के लिए

हमारे प्रतिनिधि

मुंबई। भारत का जनवरी-दिसम्बर, 2016 के दौरान मात्रा एवं मूल्य दोनों दृष्टि से काटन यार्न का निर्यात उससे पूर्व वर्ष की समान अवधि से क्रमश: 11.6% एवं 15.5% घटा। वर्ष 2016 में काटन यार्न का निर्यात 2015 के 13280 लाख किलो से घटकर 11750 लाख किलो रहा तथा मूल्य 374.3 करोड़ रु. से घटकर 316.4 करोड़ रु. रहा।

उद्योग के सूत्रों का कहना है कि निर्यात की तुलना में काटन यार्न का घरेलू बाजार अधिक आकर्षक है।

सूत्रों के अनुसार, केद्र सरकार को काटन यार्न एवं टेक्सटाइल वैल्यू चेन के अन्य सभी उत्पादों के लिए मर्च़ेंडाइज एक्सपोर्ट्स फ्राम इंडिया स्कीम (एमईआईएस) और इंटिग्रेटेड एन्वायरमेंटल सल्यूशंस (आईईएस) लाभ बढ़ाने पर विचार करना चाहिए।

यूएस एवं यूरोपीय बाजारों में भारतीय टेक्सटाइल्स पर व्यापार अवरोध के कारण विएतनाम एवं बांग्लादेश जैसे छोटे टेक्सटाइल निर्यातक देश विश्व व्यापार में लाभ उठा रहे है ।

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