उत्तर प्रदेश में चीनी का उत्पादन बढ़ा, महाराष्ट्र में घटा

हमारे संवाददाता

नई दिल्ली-इस वर्ष चीनी के सबसे बड़े उत्पादक के तौर पर उभरे उत्तर प्रदेश में चीनी उत्पादन के मामले में भारी बढोतरी हुई है।जिसके तहत पहली अक्टूबर से शुरु हुए मौजुदा चीनी वर्ष 2016-17 में चीनी का उत्पादन पिछले वर्ष की तुलना में 24 प्रतिशत अधिक है।जबकि महाराष्ट्र चीनी के उत्पादन मामले में पिछड़ गया है।

उत्तर प्रदेश में 10 अप्रैल 2017 तक चीनी उत्पादन 83.1लाख टन हो चुका है।जबकि उत्तर प्रदेश में पिछले वर्ष इसी अवधि में चीनी उत्पादन सिर्फ 67 लाख टन हो पाया था।जिसके तहत अब तक उत्तर प्रदेश की मिलों में 786.4 लाख टन गन्ने की क्रेशिंग की गई है।जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि तक उत्तर प्रदेश की मिलों में 632 लाख टन गन्ने की केशिंग की  गई थी।हालांकि उत्तर प्रदेश में अभी भी अधिकतर मिलों में चीनी उत्पादन का काम हो रहा है।इस वर्ष उत्तर प्रदेश में 116 मिलों में गन्ने की पेराई का काम शुरु हुआ था जिसमें से अब तक 55 मिलों ने काम समेटा है और 61 मिलों में अब भी चीनी उत्पादन का काम हो रहा है।जिसके तहत चालू माह के अंत तक उत्तर प्रदेश की मिलों में चीनी उत्पादन का काम चलता रहेगा और इस वर्ष उत्तर प्रदेश में चीनीका उत्पादन 85/86 लाख टन तक पहुंच सकता है।सामान्य तौर पर चीनी उत्पादन के मामले में उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर आता रहा है और महाराष्ट्र पहले स्थान पर रहता रहा है। बहरहाल पिछले दो वर्ष तक लगातार सूखे के चलते महाराष्ट्र में इस वर्ष गन्ने का उत्पादन काफी कम हुआ था।जिससे महाराष्ट्र के चीनी उत्पादन में गिरावट आई है और वह उत्पादन के मामले में दूसरे स्थान पर खिसक गया है।

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