जीएसटी : सर्विस टैक्स की दर 18 प्र.श. होने की संकेत

कृषि, शिक्षा व स्वास्थ्य पर सेवाएं रहेगी मुक्त श्रेणी के दायरे में 

रमाकांत चौधरी 

नई दिल्ली । जीएसटी प्रणाली के तहत सेवा क्षेत्र पर टैक्स की दर बढकर 18 प्रतिशत होने के आसार है।जिसके चलते पहली जुलाई से सेवाएं थोड़ी मंहगी हो जाएंगी।हालांकि फिलहाल सेस सहित सर्विस टैक्स की दर 15 प्रतिशत है।उल्लेखनीय है कि मोदी सरकार की तरफ सु गुड्स एण्ड सर्विस टैक्स (जीएसटी) को देश भर में पहली जुलाई 2017 से लागू करने का लक्ष्य निर्धारित कर रखा है।

दरअसल जीएसटी के तहत सेवा क्षेत्र को लेकर स्टøडर्ड दर 18 प्रतिशत रह सकती है।हालांकि स्वास्थ्य,शिक्षा और कृषि जैसी जो सेवाएं अभी तक सर्विस टैक्स के दायरे से बाहर है उन्हें आगे भी छूट वाली सूची में बनाए रखने की उम्मीद है।जिसको लेकर जीएसटी काउंसिल की तरफ से सिफारिश की जाएगी।यद्यपि चुनिंदा सेवाएं जिन पर अभी तक 15 प्रतिशत से कम सेवा कर लगता है वह जीएसटी के तहत भी कम टैक्स रेट के दायरे में आ सकती है।फिलहाल सेवा कर की दर 14 प्रतिशत है।इसके अतिरिक्त आधा-आधा प्रतिशत की दर से दो उपकर स्वच्छ भारत सेस और कृषि कल्याण सेस वसूले जाते है ।इस तरह से सेवा कर की प्रभावी दर 15 प्रतिशत हो जाती है।हालांकि 20 लाख रुपए से अधिक का वार्षिक कारोबार करने वाले सेवा प्रदाता जीएसटी के दायरे में आएंगे।अभी सर्विस टैक्स को लेकर वार्षिक आय सीमा 10 लाख रुपए है।यद्यपि जीएसटी  कानून के तहत किसान इसके दायरे से बाहर रहेंगे भले ही उनकी वार्षिक आय 20 लाख रुपए अधिक हो।हालांकि जीएसटी काउंसिल की तरफ से 18-19 मई को वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में जीएसटी की दरों को अंतिम रुप दिया जाएगा।जिसको लेकर जीएसटी को लेकर अधिकारियें की समिति की तरफ से जीएसटी की दरें तय करने में जोरशोर से जुटी हुई है।इसीबीच जीएसटी लागू होने के उपरांत लगभग चार दर्जन सेवाएं मंहगी हो जाएगी।जिससे जीएसटी के तहत निजी अस्पताल में इलाज कराना मंहगा होगा।जिसके तहत डॉक्टर की फीस व प्रयोगशाला में जांच कराने सहित फिजियोथेरेपी,पेरामेडिकल स्टाफ की सेवाएं सहित एम्बुलेंस सेवाएं महंगी होगी।इसके साथ ही सेबी और आईआरडीए की सेवाएं महंगी होगी। जबकि रेलवे के माध्यम से माल ढुलाई मंहगी हो जाएगी।फलों व सब्जियों की पैकिंग मंहगी होगी।भारत से बाहर टूर ऑपरेटर की सेवाएं महंगी होगी।कचरा प्रबंधन और ािशिक्षा से जुड़ी सेवाएं मंहगी होगी।स्कूल में मिड डे मील और डांस संगीत जैसी प्रशिक्षण सेवाएं महंगी हो जाएगी।जिसका सीधा असर आम और खास आदमी पर पड़ना तय है।

© 2017 Saurashtra Trust

Developed & Maintain by Webpioneer