धान का एमएसपी प्रति क्विंटल ƒ 80 बढ़ाने पर विचार
खरीफ फसल मौसम की सुगबुगाहट

रमाकांत चौधरी 

नई दिल्ली । देश में किसानों की खेती के मद में बढती लागत को देखते हुए मोदी सरकार की तरफ से अगले जुलाई से शुरु होने वाली खरीफ फसल वर्ष 2017-18 को लेकर धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को 80 रुपए क्विंटल बढाकर सामान्य धान का एमएसपी 1550 रुपए तथा ए ग्रेड धान का एमएसपी 1590 रुपए किए जाने की तैयारी जोरशोर से चल रही हø। जिसे जुलाई से खरीफ फसल मौसम शुरु होने से पहले ही इसकी घोषणा किए जाने की संभावना है।जिसको लेकर मोदी सरकार के कृषि मंत्रालय के कैबिनेट मसौदे में धान के एमएसपी को लेकर कृषि मूल्य एवं लागत आयोग (सीएसीपी) की सिफारिशों को आधार बनाया गया है।जिसको लेकर मोदी सरकार की तरफ से गंभीरता पूर्वक विचार कर रही है।जिसको लेकर मोदी सरकार के कृषि मंत्रालय की तरफ से अंतर मंत्रालयीय विचार विमर्श को लेकर एक मंत्रिमंडलीय परिपत्र प्रस्तुत किया गया है और इस प्रस्ताव को शीघ्र ही मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने की संभावना है।

दरअसल मोदी सरकार की तरफ से इस बार अगले खरीफ फसल मौसम को लेकर काफी पहले से अभियान तेज कर दिया गया है।जिसके तहत अगले खरीफ फसल  वर्ष 2017-18 शुरु होने से पहले ही खरीफ फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) घोषित किए जाने हø।जिसके तहत इस बार धान का एमएसपी 80 रुपए क्विंटल तक बढाने को लेकर गंभीरता पूर्वक विचार विमर्श हो रहा है और यह अब अंतिम चरण में है।जिससे खरीफ फसल मौसम से पहले ही धान सहित अन्य खाद्यान्न जिंसों का एमएसपी घोषित होने हø।जिससे निश्चित रुप से किसान उत्साहित होंगे और खेती पर सकारात्मक असर पडेगा।जिसको लेकर सीएसीपी की तरफ से अपनी सिफारिशें कृषि मंत्रालय को  साøप दी गई है।उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष धान के एमएसपी में 60 रुपए क्विंटल की वृद्वि की गई थी।जिसके तहत साधारण किस्म के धान का एमएसपी 1470 रुपए और ए ग्रेड धान का एमएसपी 1510 रुपए क्विंटल निर्धारित किया गया था।बहरहाल 2017- 18  खरीफ फसल वर्ष में धान के एमएसपी में 80 रुपए क्विंटल की बढोतरी किए जाने की संभावना है।जिसके तहत सामान्य  धान का एमएसपी 1470 रुपए से बढाकर 1550 रुपए तथा ए ग्रेड धान का एमएसपी 1510 रुंपए से बढाकर 1590 रुपए प्रति क्विंटल होगा।जिसको लेकर कैबिनेट नोट अंतर मंत्रालयी टिप्पणी को लेकर विभिन्न मंत्रालयों को भेज दिया गया है।धान की खेती खरीफ व रबी दोनों मौसम में होती है।धान की अधिकतर पैदावार खरीफ मौसम में होती है।जिसकी खेती दक्षिण-पश्चिम मानसून शुरु होने के साथ ही होती है।चालू फसल वर्ष 2016-17 में धान की कुल पैदावार अब तक की सर्वाधिक 10 करोड़ टन से अधिक हुई है।जिसमें खरीफ मौसम की हिस्सेदारी 9.5 करोड़ टन है।