मुंबई के कपड़ा बाजार चालू लेकिन कामकाज नदारद
ग्रे कपड़े के भाव कोट नहीं हो रहे है

हमारे प्रतिनिधि

मुंबई। गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स (जीएसटी) के विरोध में देशभर के कपड़ा बाजार बंद है तथा मुंबई कपड़ा बाजार चालू है। मुंबई के 50 प्र.श. व्यापारियों ने जीएसटी का रजिस्ट्रेशन ले लिया है। इसके बावजूद मुंबई में कपड़े का कामकाज या डिलीवरी नहीं होती, हालांकि टेबल वर्क चालू है, डिजाइनिंग चालू है और सौदों की चर्चा चालू है। भिवंडी 5 दिन बंद था, वहां 60 से 70 प्र.श. लूम बंद है जबकि बाकी की लूम चालू है। कारीगरों के उनके गांव चले जाने की दहशत है।

कम्पोजिट मिल चालू है, लेकिन डिलीवरी बंद है, इससे भुगतान रुका है, इससे ऐसा माना जाता है कि मिलों को 10 तारीख को वेतन एवं 25 तारीख को एडवांस देने में परेशानी होगी।

लेने वाले और बेचने वाले के पास जीएसटी नंबर न होने पर उनके माल ट्रांसपोर्ट कंपनियां स्वीकार नहीं करती इससे डिलीवरी और माल का हेरफेर बंद है।

कपड़े के व्यापारियों के पास जो पुराना स्टाक पड़ा है, उसका 30 जून से पहले का बिल बनाकर स्थानीय में डिलीवरी करते है ।

इस समय कोई सीजन नहीं है। मानसून के दो महीने कपड़ा बाजार हमेशा ठंडा रहता है। गार्म़ेंट्स के ब्रांड में `एंड आफ दी सीजन सेल' और `मानसून सेल' के 50 प्र.श. डिस्काउंट का बोर्ड चारों ओर लगा हुआ है। इसके 15 अगस्त तक चलने की संभावना है। बाकी मुंबई में 10 से 12 जुलाई को सीएमएआई का जो नेशनल गार्म़ेंट फेयर आयोजित हुआ था, उसके काफी सफल होने तथा बुकिंग अच्छी होने से कपड़ा बाजार में आशा बंधी है।

मुंबई में 3 प्र.श. चुंगी समाप्त हो गई है तथा काटन यार्न पर 5 प्र.श. जीएसटी लागू हुई है जिसकी इनपुट क्रेडिट कपड़े पर ली जा सकेगी, इससे कपड़ा 2 प्र.श. सस्ता होगा।

देश में पावरलूम क्षेत्र बंद जैसी स्थिति में होने से यार्न की खपत घट गई है। इससे स्पिनिंग मिलों ने यार्न का उत्पादन घटा दिया है। सूरत बंद होने से रिलायंस के यार्न की खपत 70 प्र.श. घट गई है।

अहमदाबाद के प्रोसेस हाउस और मिलें पहले `जगह नहीं' कह कर नया काम स्वीकार नहीं करती थी, लेकिन इस समय वे सेम्पल लेकर देशावरों में बुकिंग के लिए निकल पड़ी है । कपड़े की अधिकांश मंडियां बंद है जबकि मुंबई चालू होने और मुंबई में जीएसटी अपना लिए जाने से अहमदाबाद वाले मुंबई में आकर बैठ गए है ।