बैकिंग विनियमन विधेयक मानसून सत्र में होगा प्रस्तुत

हमारे संवाददाता

नई दिल्ली । संसद का मानसून सत्र 17 जुलाई से लेकर 11 अगस्त 2017 तक चलने हø।जिसको लेकर मोदी सरकार के वित्त मंत्रालय की तरफ से मानसून सत्र में बैकिंग विनियमन (संशोधन) विधेयक,भारतीय स्टेट बøक (अनुषंगी बøक) अनिनियम,1959 निरस्तरीकरण सहित कई विधेयक प्रस्तुत करने की तैयारी में है।इसके अतिरिक्त वित्त मंत्रालय अनियमित जमा योजना,जर्माकर्ता हित संरक्षण विधेयक पर भी कार्यरत है।जिसको लेकर वित्तीय सेवाओं का विभाग इसका मसौदा तैयार कर रहा है और वह कैबिनेट मंजूरी को लेकर उससे शीघ्र ही सम्पर्क करेगा।प्रस्तावित विधेयक में अनियमित जमा योजनाओं पर प्रतिबंध लगाने तथा जमाकर्ताओं की हित की रक्षा संबंधी नियमों का प्रावधान है।इस विधेयक के तहत अनियमित जमा योजना के तहत जमा को लेकर प्रोत्साहन देने एवं उसे स्वीकार करने वालों को कम से कम दो वर्ष और अधिकत दस वर्ष की कैद हो सकती है।जिस पर ऐसी योजनाओं के  ग्राहकों,सदस्यों या साझेदारों से एकत्रित की गई राशि का दोगणा जुर्माना लगाया जा सकता है।ऐसे में सभी दृष्टियों से इस सत्र का सबसे महत्वपर्ण विधायी कामकाज बैकिंग विनियमन (संशोधन) अध्याधेश 2017 के स्थान पर कानून लाना होने जा रहा है।चूंकि मोदी सरकार की तरफ से मई में एक अध्यादेश जारी कर रिजर्व बøक ऑफ इंडिया (आरबीआई) को बøकों का ऋण नहीं दिवालिया कार्रवाई शुरु करने के निर्देश को लेकर अधिकृत किया था।जिसको लेकर सार्वजनिक क्षेत्र के बøकों की गैर निष्पादित परिसंपत्तियां 8 लाख करोड़ के अस्वीकार्य उच्च स्तर पर पहुंच गई है। जिसमें से बहुत बड़ा हिस्सा बिजली,इस्पात,बुनियादी ढांचा और कपड़ा क्षेत्र में है।इस अध्यादेश से बैकिंग विनियमन अध्यादेश 1949 की धारा 35ए  को संशोधित किया गया।जिसमें 35 एए और 35 एबी शामिल किया गया।   

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