राज्य जीएसटी विभाग बुनकरों एवं पावरलूम मालिकों की मदद के लिए आगे आया

भिवंडी आंदोलन

हमारे प्रतिनिधि

मुंबई। राज्य जीएसटी विभाग ऐसे समय में भिवंडी के बुनकरों एवं पावरलूम मालिकों की मदद करने के लिए आगे आया है जबकि यहां का टेक्सटाइल उद्योग नई कर प्रणाली से अत्यधिक प्रभावित हुआ है।

नई कर प्रणाली के तहत कठिनाइयों को समझने के लिए संयुक्त जीएसटी आयुक्त सहित जीएसटी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी बुनकरों के साथ विचार-विमर्श कर रहे है ।

राज्य जीएसटी कमिश्नर राजीव जलोटा ने कहा कि जीएसटी प्रणाली अपनाने में स्टाकहोल्डरों की मदद करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की टीम बनायी गई है। हम भिवंडी एवं मालेगांव में टेक्सटाइल उद्योग की मदद करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे है । हम जानते है कि जीएसटी को लेकर चिंता है। हम उन्हें समझने का प्रयास कर रहे है ताकि हम लूम मालिकों की मदद कर सकें।

लूम मालिकों ने कहा कि हमने जीएसटी विभाग के समक्ष अपनी परेशानी रखी है।

लूम मालिक एवं पूर्व एमएलए राशिद ताहिर ने कहा कि यार्न पर 15% जीएसटी एवं प्रक्रिया में कई जाब पर 5 % जीएसटी से हमारी उत्पादन लागत बढ़ेगी और हमारे लिए कारोबार करना कठिन हो जाएगा। हमने 15 % को घटाकर 10-12 % करने तथा 5% जीएसटी हटाने की मांग की है।

अभी तक कोई आश्वासन नहीं दिया गया है, लेकिन जीएसटी विभाग, लूम मालिक एवं बुनकर उनके द्वारा अदा किए गए कर पर क्रेडिट रिफंड की संभावना पर चर्चा हुई।

जलोटा ने कहा कि जीएसटी विभाग सिर्फ मदद कर सकता है। बुनकरों से बातचीत नहीं कर सकता। जीएसटी कानून है जिसका पालन करना होगा। सिर्फ जीएसटी काøसिल को बातचीत करने का अधिकार है।

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