चुंगी समाप्त हो जाने और ट्रांसपोर्ट खर्च घटने के बावजूद भाव टस से मस नहीं

आगामी सप्ताह त्योहारों और छुट्टियों की भरमार के बीच हालीडे मूड रहेगा

स्थानीय कपड़ा बाजार स्थिर है। सभी सीजन विफल गया है और इस समय ग्राहकी में जोर नहीं है। बाजार के 70 से 75 प्र. श. व्यापारियों ने जीएसटी नंबर लेकर कामकाज शुरू कर दिया है। 25 से 30 प्र. श. व्यापारी अभी ऐसे है जिन्होंने जीएसटी रजिस्टेशन के लिए आवेदन किया है लेकिन टेक्निकल कारणों से उनको अभी नंबर नहीं मिला है। व्यापारियों का बहुत छोटा एक ऐसा वर्ग है जो दो नंबर में कामकाज कर रहा है।

देशावरों में दिल्ली, कानपुर अभी बंद जैसे है । सूरत में अभी जीएसटी पूरा अपनाया नहीं है जिससे वहां का कामकाज मंद रहा है। जेतपुर में 50 प्र. श. प्रिंटिंग इकाइयां अभी बंद पड़ी है ।

आगामी सप्ताह में काफी छुट्टी होने और लांग वीक एण्ड होने से हालीडे मूड रहेगा। 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिन की छुट्टी है और 16 अगस्त को जन्माष्टमी- गोविंदा की छुट्टी होने से दोनों दिन कपड़ा बाजार बंद रहेगा। 17 अगस्त, गुरुवार को पटेटी रहने से बøक बंद रहेंगे। 18 अगस्त से जैनों का पर्युषण पर्व शुरू हो रहा है। 25 अगस्त को गणेश चतुर्थी और जैन संवत्सरी की छुट्टी होगी। 

1 जुलाई से जीएसटी लागू हुआ है और 3 प्र. श. चुंगी समाप्त हो गई है इस तरह मुंबई के व्यापारियों को 3 प्र. श. चुंगी का शुद्ध फायदा हुआ है। साथ ही जीएसटी के साथ एक देश एक कर हो जाने से और चेक पोस्ट समाप्त हो जाने से माल का आवागमन त्वरित और सरल हो गया है। चुंगी विभाग का भ्रष्टाचार बंद हो गया है। इससे 10 हजार रु. के बंडल पर पहले ट्रांसपोर्टर 600 रु. का चार्ज लेते थे जिसे घटाकर अब 250 रु. कर दिया है। इस तरह ट्रांसपोर्ट चार्ज भी घटा है, इसके बावजूद कपड़े के व्यापारियों ने कपड़े का भाव घटाया नहीं है लेकिन 5 प्र. श. जीएसटी ग्राहक से वसूल करते है । इस तरह यदि मुंबई में कपड़े का भाव घटा होता तो देशावरों की ग्राहकी सूरत- अहमदाबाद के स्थान पर मुंबई में बढ़ी होती। लेकिन मुंबई में भाव न घटने से देशावर की ग्राहकी मुंबई में नहीं बढ़ी।

सिंथेटिक का आयात बढ़ने की आशंका

मैनमेड फाइबर और सिंथेटिक्स यार्न की जीएसटी दर 18 प्र. श. से घटाकर 12 प्र. श. करने की उद्योग की मांग स्वीकार नहीं हुई है, इससे चीन, बांगलादेश, श्रीलंका से सस्ते आयात का ढ़ेर भारतीय बाजार में आने की दहशत है।

स्थानीय प्रोडक्ट की तुलना में आयातित माल सस्ते है । आयात पर पहले सीवीडी और एसएडी था जो अब आईजीएसटी बन गया है। पहले सीवीडी और एसएडी जैसी अतिरिक्त डय़ूटी से आयात के समक्ष सुरक्षा मिलती थी। इससे ऐसे रक्षात्मक कदम की सख्त जरूरत है। जिससे आयात की बाढ़ के बीच मेड इन इंडिया मुहिम धुल न जाए। जीएसटी के बाद आयात 12 से 16 प्र. श. सस्ता हो गया।

उद्योग के अन्य एक वर्ग की मांग है कि सिंथेटिक्स यार्न और काटन यार्न पर जीएसटी दर 5 प्र. श. जितनी एकसमान होनी चाहिए। साथ ही कुदरती रेशा और सिंथेटिक रेशा को एकसमान फील्ड मिल सके। पहले यार्न और कपड़े के जाब वर्क पर जीएसटी दर 5 प्र. श. थी जबकि मेडअप्स- गार्मेन्ट्स के जाब वर्क पर जीएसटी दर 18 प्र. श. थी। अब मेडअप्स और गार्मेन्ट के जाबवर्क पर जीएसटी दर घटाकर 5 प्र. श. की गई है। 

अभी सूरत कपड़ा उद्योग में काफी असंतोष है। सूरत मुख्यत: सिंथेटिक कपड़े की मंडी है और सिंथेटिक यार्न पर जीएसटी दर 18 प्र. श. जितना चालू है। 

ग्रे कपड़ा : सूती ग्रे कपड़े का भाव मजबूत और स्थिर है। 60/60 92/88 48'' कैम्ब्रिक ग्रे का भाव 35 रु. + जीएसटी और सेमी के अच्छे माल का भाव 31.50 रु. से 32 रु. + जीएसटी है। 40/60 72/72 ड्रापइन अच्छे माल के ग्रे का भाव 31 रु. और हल्के माल का 28 से 28.50 रु. है। 

सूती मलमल 80/100 68/64 ड्रापइन ग्रे का 20.50 + जीएसटी है। 100/100 78-68 ग्रे का भाव 22.50 से 22.75 रु. है। 

20/20 56/60 श्रीटिंग 50'' 200 ग्राम ग्रे का 34.50 रु. और 170 ग्राम ग्रे का 30 रु. है। 59'' 200 ग्राम ग्रे का 36 रु., 20/20 52/52 72'' ग्रे का 44 रु., 20/20 56/60 120'' ग्रे का 78 रु. है।

45 पीवी 80/76 10700 ग्राम वजन की ग्रे क्वालिटी का भाव 27.50 से 28 रु. है। 50 पीसी 80-76 8500 ग्रे का 19.50 रु. और 7800 ग्रे का 18.25 रु. है।

उद्योग की हलचल

- श्री मार्केट सिल्क मर्चेन्ट्स एसो. के तत्वावधान में 22 अगस्त को शाम 4 बजे महाजन हाल में एक समारोह आयोजित किया गया है। इस समारोह में रिलायंस के जिओ मोबाइल के आकर्षक आफर एसो. के सदस्यों के लिए घोषित किए जाएंगे और 28 से यह आफर अन्य व्यापारियों के लिए भी घोषित होगा।

- केडी प्रीमियम इटालियन मेन्स वेयर ब्राण्ड है। उसमें ग्रीन कलर में सूटिंग्स की रेंज विकसित की है और ग्रीन के 25 शेड्स बाजार में पेश किया है। सीजन का कलर ग्रीन रहने का पूर्वानुमान केडी इटली ने की है।

- देश में मेन्स ब्राण्डेड एथनिक वेयर कटेगरी में मार्केट लीडर मान्यवर ने अब वूमेन्स वेयर कटेगरी में प्रवेश किया है। मान्यवर ब्राण्ड की मालिक वेदान्त फैशन है।

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