12 सरकारी बøकों की बाजार से पूंजी जुटाने की योजना

हमारे संवाददाता

नई दिल्ली । पंजाब नेशनल बøक (पीएनबी), बøक ऑफ इंडिया और इंडियन बøक सहित कम से कम सार्वजनिक क्षेत्र के बारह बøक बाजार से धन जुटाने की योजना को अंतिम रुप दे है ।जिससे बासेल तीन के वैश्विक जोखिम नियम को पूरा करने को लेकर अपना पूंजी आधार बढा सकेगा।जिसके तहत आन्ध्रा बøक सहित छह-सात बøक चालू वित्त वर्ष के अंत तक अपनी पूंजी जुटाने की योजना को अंतिम रुप दे सकते है और शेष बैंक अनुवर्ती सार्वजनिक निर्गम एफपीओ या पात्र संस्थागत नियोजन के माध्यम से अगले वित्त वर्ष के तहत बाजार से कोष जुटाने की योजना बना रहे है । जिसके तहत इलाहाबाद र्ब़ैंक, आन्ध्रा बøक, बøक ऑफ इंडिया, सेन्ट्रल बøक ऑफ इंडिया,देना बøक, आईडीबीआई बøक, इंडियन बøक और पंजाब नेशनल बøक को सरकार से पहले ही क्यूआईपी या एफपीओ या तरजीह आवंटन के माध्यम से पूंजी जुटाने की मंजूरी मिल चुकी है। इसी तरह से सिंडीकेट बøक, यूको बøक, यूनाइटेड बøक ऑफ इंडिया और विजया बøक को भी इसको लेकर सरकार से मंजूरी मिल चुकी है और इनमें से कुछ ने यह प्रक्रिया पहले ही शुरु कर दी है। जिसको लेकर इलाहाबाद बैंक को पहले ही क्यूआईपी या

एफपीओ या राइस इश्यू के माध्यम से 2000 करोड़ रुपए की पूंजी जुटाने को लेकर शेयरधारकों की मंजूरी मिल चुकी है।इसी तरह से पीएनबी के निदेशक मंडल ने एफपीओ या क्यूआईपी या राइट इश्यू से 3000 करोड़ रुपए जुटाने की मंजूरी दी है।

इद्रधनुष रुपरेखा के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के बøकों को बासेल तीन की जरुरतों को पूरा करने को लेकर अनुवर्ती सार्वजनिक निर्गत और अन्य तरीकों से 1.10 लाख करोड़ रुपए बाजार से जुटाने की जरुरत होगी। यह राशि उन 70000 करोड़ रुपए के अतिरिक्त है जो बøकों को पूंजी सहयोग के रुप में सरकार से मिल रहा है।इनमें से 50000 करोड़ रुपए की राशि सरकार पिछले दो वित्त वर्ष़ों में दे चुकी है और शेष 2018-19 के अंत तक दी जाएगी। इससे पहले जून में एसबीआई ने क्यूआईपी के माध्यम से 52.2 करोड़ शेयर बेचकर 15000 करोड़ रुपए जुटाए थे।

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