चीनी का आयात शुरू करने एवं आयात शुल्क घटाने पर विचार
त्योहारी मौसम से पहले चीनी का आयात बढ़ाने की तैयारी   

हमारे संवाददाता

नई दिल्ली । अगले त्योहारी मौसम पर चीनी की कीमतों में बढोतरी होने की आशंका है।जिसको लेकर मोदी सरकार काफी गंभीर है और अब  नीतिगत कदम उठाने को लेकर सक्रिय हो गई है।जिसके तहत घरेलू स्तर पर चीनी की आपूर्ति को पर्याप्त बनाए रखने को लेकर आयात शुरु करने और आयात शुल्क घटने से सहित चुनिंदा अन्य उपायों पर गंभीरता पूर्वक विचार कर रही है।हालांकि चीनी उद्योग की अग्रणी संगठन इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (इस्मा) की तरफ से कहा जा रहा है अगले चीनी वर्ष जो कि पहली अक्टूबर से शुरु होंगे जिसको लेकर देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक बना हुआ है।जिससे चीनी की कीमत अब विशेष बढ नहीं पाएगी।  

     दरअसल घरेलू बाजार में चीनी की मांग आपूर्ति कमोबेश सामान्य चल रही थी जिसके मद्देनजर मोदी सरकार की तरफ से जुलाई में चीनी पर आयात शुल्क बढाकर 50 प्रतिशत दी गई थी क्योंकि उस अवधि में चीनी की कीमत अपेक्षाकृत थमी हुई थी।बहरहाल चीनी की आयात शुल्क बढाए जाने के चंद दिनों बाद से ही घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों में बढोतरी की रफ्तार जो शुरु हुई वह अब भी बरकारार है।जिसके तहत घरेलू बाजार में चीनी की कीमत खुदरा स्तर पर 42/46 रुपए किलो तक पहुंच गई है।जिससे आम जनमानस को चीनी की मंहगाई से सीधे तौर पर जूझना पड़ रहा है।जिसको लेकर मोदी सरकार काफी गंभीर है और अब चीनी पर आयात शुल्क घटाकर 25 प्रतिशत करने और चीनी के आयात शुरु करने की अनुमति देने को लेकर गंभीरता पूर्वक विचार कर रही है।ऐसे में नीतिगत कदम उठाए जाने से चीनी की बढती कीमत थमने में काफी हद तक मदद मिल सकेगी।ऐसे में अगले चीनी वर्ष जो कि पहली अक्टूबर से शुरु होंगे जिसके तहत देश में चीनी का 40 लाख टन का शुरुआती स्टॉक रहने का अनुमान है।हालांकि 2016-17 के तहत दक्षिण भारत में सूखे के चलते चीनी का उत्पादन कम हुआ था जिसको लेकर मोदी सरकार बेहद चिंतित हø।इससे दक्षिण भारत के राज्यों में चीनी की कमी होने की आशंका है।इसीबीच इस्मा की तरफ से मोदी सरकार को कहा गया है कि अक्टूबर में देश में चीनी का उत्पादन 8/10 लाख होगा।जिसके तहत पांच लाख टन चीनी के पहले से हुए आयात के मद्देनजर अभी उपलब्ध स्टॉक और चीनी का नया उत्पादन अक्टूबर से उपब्ध होगा क्योंकि इस बार चीनी मिलों में पेराई जल्दी शुरु करेगी।