मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना का आकलन करना चाहता है कृषि मंत्रालय
हमारे संवाददाता

मोदी सरकार की तरफ से मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के आकलन का फैसला किया गया है।इस योजना के दायरे में देश भर के 12 करोड़ किसानों को लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।इस आकलन का काम राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद (एनपीसी) और राष्ट्रीय कृषि विस्तार संस्थान (एमएएनएजीई) को साøपा गया है।

दरअसल मोदी सरकार के कृषि मंत्री श्री राधामोहन सिंह ने विभाग को वर्ष 2015 में शुरु हुई योजना का आकलन या समीक्षा किसी तीसरे के पक्ष से कराने को कहा गया है।जिसके बाद यह काम एनपीसी और एनएएनएजीई को दिया गया है।जिसको लेकर मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना और फसल बीमा योजना जैसी महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की निगरानी को लेकर कृषि मंत्रालय में संयुक्त सचिव पद के नोडल अधिकारी और निदेशक स्तर के अतिरिक्त नोडल अधिकारी राज्यों की यात्रा करेंगे।जिसके तहत 2015 में मोदी सरकार की तरफ से देश भर के खेती की उर्वरकता का आकलन करने को लेकर मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना शुरु की थी और दो वर्ष के नियमित अंतराल में किसानों को कार्ड जारी किए गए थे।जिस कार्ड के तहत किसानों को खेती की पोषक स्थिति और मृदा स्वास्थ्य को बढाने को लेकर कितनी मात्रा में पोषक तत्व दिए जाए जिसकी जानकारी उपलब्ध कराता है।जिसे मोदी सरकार की तरफ से शुरुआत में 14 करोड़ किसानों को कार्ड जारी करने का लक्ष्य रखा गया था बहरहाल 12 करोड़ किसानों को कार्ड जारी किए गए थे क्योंकि 2011 के जनगणना के आधार पर राज्यों ने आंकड़ों में संशोधन किया था।जिसके तहत देश के कई हिस्सों में अत्यधिक मात्रा में यूरिया के इस्तेमाल करने से मृदा प्रभावित हुई है जिसको लेकर मोदी सरकार की तरफ से फसलों के उत्पादन को बढावा देने को लेकर उर्वरकों को संतुलित उपयोग पर ध्यान केन्दित कर रही है।