रबी फसल अभियान के लिए राष्ट्रीय सम्मेलन 19-20 सितम्बर को नई दिल्ली में
हमारे संवाददाता

नई दिल्ली । पिछले दिनों अगले रबी फसल मौसम से पूर्व इंटरफेस बैठक नई दिल्ली में आयोजित की गई थी।जिसमें सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग (डीएसीएण्डएफडब्ल्यू) का विस्तार प्रभाग भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) सहित पशु पालन,डेयरी और मत्स्यपालन विभाग (डीएएचडीएण्डएफ) की तरफ से कृषि और समवर्गी क्षेत्रों में उभर रहे मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया और अगले रबी फसल मौसम को लेकर विशिष्ट सिफारिशों को अंतिम रुप दिए जपर चर्चा की गई।जिसके तहत इन सिफारिशों को राष्ट्रीय रबी पुसल अभियान सम्मेलन के तहत राज्यों से साझा किया जाएगा।इसके साथ ही फील्ड स्तर पर इन सिफारिशों के कार्यान्वयन को लेकर राज्यों, आईसीएआर संस्थानों,कृषि विज्ञान केद्रों तथा संबंधित संस्थाओं को निर्देशित किया जाएगा।इसीबीच अगले रबी फसल अभियान को लेकर राष्ट्रीय सम्मेलन 19-20 सितम्बर को नई दिल्ली में आयोजित किए जाने हø।जिसमें इन तमाम मुदृदों पर विस्तार पूर्वक चर्चा की जाएगी।

दरअसल अगले रबी फसल मौसम से पूर्व इंटरफेस बैठक 5 सितम्बर 2017 को कृषि भवन,नई दिल्ली में आयोजित की गई थी। जिसमें कृषि सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की तरफ से संयुक्त रुप से इसकी अध्यक्षता की गई।जिसके तहत फसल, बीज, पौध, संरक्षण, बागवी, एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन से संबंधित तकनीकी विषयों पर परिचर्चा आयोजित  की गई ताकि कृषि उत्पादन में आने वाली बाधाओं को दूर किया जा सकेगा।जिसमें मुख्य रुप से इस परिचर्चा में किसानों को लेकर नवीन एवं प्रमाणित बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करशिना लक्ष्य रखा गया है ताकि प्रत्यक राज्य में किसानों को इन्हें  आसानी से उपलब्ध हो सकेगा।जिसके तहत गाय,गोबर और गौ मूत्र से बनने वाले जैव कीटनाशक पर भी प्रमुखता से चर्चा की गई।जिसक zतहत अधाधिक किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड का लाभ मिल सकेगा जिसको लेकर हøड हेल्ड डिवाइस विकसित करने का निर्णय लिया गया है।इस तरह का उपकरण बनाने वाली स्टार्टअप कम्पनियों से अतिशीघ्र सम्पर्क कर इस दिशा में प्रगति की समीक्षा करने का निर्णय लिया गया।इस मौके पर कृषि सहकारिता एवं किसान कलषिण के सचिव एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष ने इस बात पर सहमति जताई कि किसानों की आय को दोगुना करने को लेकर मधुमक्खीपालन,कृषि वानिकी,उन्नत बीज के विषय में वैज्ञानिकों द्वारा विकसित नवीन तकनीकी का प्रचार एवं प्रसार तीव्र गति से की जाए।इसके साथ ही इस बात पर भी सहमति हुई कि जिन कृषि संबंधी विषयों पर कृषि सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग की तरफ से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का ध्यान आकर्षित किया गया है उन पर एक समयबद्व तरीके से तकनीकी हल निकाले जाएंगे ताकि उन्हें किसानों तक पहुंचा जा सकेगा।इस परिचर्चा से उभरे सिफारिशों को राज्यों और संघ प्रदेशों के साथ 19-20 सितम्बर 2017 को आयोजित रबी के राष्ट्रीय सम्मेलन में साझा किया जाएगा।