खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाकर और उचित वितरण से देश को मिलेगा बढ़ावा : उपराष्ट्रपति

खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाकर और उचित वितरण से देश को मिलेगा बढ़ावा : उपराष्ट्रपति
49वें आचार्य एन.जी. रंगा कृषि विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह     
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । उपराष्ट्रपति श्री एम.वेंकैया नायडू ने कहा कि कोई भी भूखा न रहे और सभी को लेकर पर्याप्त पोषण के लक्ष्य को हासिल करने का zलेकर खाद्यान्न का उत्पादन बढाकर और इसके उचित वितरण से देश आगे बढ सकता है।उपराष्ट्रपति ने आन्ध्र प्रदेश के नेल्लौर जिले में अचार्य एन.जी.रंगा कृषि विश्वविद्यालय (एएनजीआरएयू) में 49 वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे।इस अवसर पर आन्ध्र प्रदेश के राज्यपाल और एएनजीआरएयू के चांसलर श्री ई.एस.एल.नरसिम्हन,आन्ध्र प्रदेश के कृषि मंत्री श्री सोमीरेड्डी मोहन रेड़डी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध,दाल और जूट उत्पादक है और चावल, गेहूं, गन्ना, मूंगफली, सब्जियों, फलों और कपास के उत्पादन में दूसरा स्थान रखता है।उन्होंने कहा कि हमारे देश की बढती हुई जनसंख्या की बढती हुई जरुरतों को देखते हुए आवश्यक हे कि हम अपने घर में ही तैयार खाद्य सुरक्षा रणनीति तैयार करें।
उपराष्ट्रपति ने सुझाव दिया कि सबसे पहले हमें 4-1 यानि सिंचाई,निवेश,ऋण और बीमा को मिलाकर बने पारिस्थितिकी तंत्री (ई2ई) को शुरु से अंत तक प्रदान करना होगा।दूसरा प्रयोगशाला से जमीन (एल2एल) तक प्रौद्योगिकी हस्तांतरण है।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि ग्रामीण सड़कों में बुनियादी सुधार, निर्भरता योग्य गुणवत्तापूर्ण बिजली, गोदाम, शीतगृह की सुविधा, रेफ्रीजरेटिड वैन और बाजार यार्ड में सुधार कृषि क्षेत्र की कार्य क्षमता को बढाने को लेकर आवश्यक पूर्व शर्त है।उन्होंने कहा कि उचित ब्याज दरों पर समय पर ऋण सुविधा और किसानों के अनुकूल बीमा पॉलिसियां एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र को लेकर कृषि का महत्वपूर्ण अंक है।इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने डिग्री लेने वाले सभी छात्रों,स्वर्ण पदक विजेताओं और पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी।

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