देशव्यापी ट्रांसपोर्टरों की 9-10 अक्टूबर को चक्का जाम करने की चेतावनी

जीएसटी की विसंगतियां, डीजल की ऊंची कीमत व सड़क पर भ्रष्ट्राचार का भारी विरोध
रमाकांत चौधरी'
नई दिल्ली । देश भर के ट्रांसपोर्टरों की तरफ से जीएसटी की विसंगतियों,डीजल की ऊंची कीमत व सड़क पर भ्रष्ट्राचार को लेकर भारी विरोध कर रहे है । जिसको लेकर देश भर के ट्रांसपोर्टर की तरफ से अगले सप्ताह के शुरु यानि 9-10 अक्टूबर 2017 को राष्ट्रव्यापी हड़ताल करने की चेतावनी दी गई है।
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) के बैनर तले ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन (एआईटीडब्ल्यूए), ऑल इंडिया कंफेडरेशन ऑफ गुड्स व्हीकल ऑनर्स एसोसिएशन (एसीओजीओए) ने संयुक्त रुप से जीएसटी पर अपना विरोध दर्ज कराया है। जिसको लेकर एआईएमटीसी के अध्यक्ष एस.के.मित्तल,कुलतारण सिंह अटवाल, एटाईटीडब्ल्यू के अध्यक्ष प्रदीप सिंगल ने कहा कि ट्रांसपोर्टरों ने सरकारी अधिकारियों की उदासीन रुख, जीएसटी, डीजल की कीमतों और भ्रष्ट्राचार को देखते हुए 9 और 10 अक्टूबर 2017 को चक्का जाम करने का फैसला किया है।जिसको लेकर ट्रांसपोर्टरों की सर्वेच्च संस्था एआईएमटीसी ने लगभग 93 लाख ट्रक परिचालकों और लगभग 50 लाख बस और पर्यटक परिचालकों का प्रतिनिधित्व करने का दावा किया है। वहीं ट्रांसपोर्टरों के दूसरे संगठन अखिल भारतीय ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने एआईएमटीसी का समर्थन देने की बात कही है। चूंकि जीएसटी संबंधी परेशानियों को लेकर केद्र सरकार के पास चार महीनों से चक्कर लगा रहे है पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ऐसे में स्पष्ट रुप से कहा जा रहा है कि जीएसटी से भ्रम की स्थिति बनी हुई है और भ्रष्ट्राचार बढ रहा है।जिसको लेकर मोदी सरकार की तरफ से जीएसटी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की तो दीवाली के बाद अनिश्चितकालीन चक्का जाम किया जाएगा। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्टर कांग्रेस (एआईएमटीसी) के अध्यक्ष एस के मित्तल ने कहा कि ऑल इडिया मोटर ट्रांसपार्ट कांग्रेस के चेयरमैन कुलतारण सिंह अटवाल ने कहा कि हमारे बिजनस में कुल खर्च का 70 प्रतिशत हिस्सा डीजन पर खर्च होता है।मोदी सरकार की तरफ से अंतराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद देश में डीजल की कीमतें नहीं घटाई।हमारी मांग है कि डीजल की कीमतों में 20 रुपए लीटर की कटौती की जाए।
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्टर कांगेस के महासचिव नवीन कुमार गुप्ता ने कहा कि ट्रक संचालकों की कमाई का एक मोटा हिस्सा सड़कों पर होने वाली अवैध वसूली में चला जाता है।इसके साथ ही बढते डीजल के दामों के चलते ट्रांसपोर्टरों को खर्च निकालना मुश्किल हो रहा है।ट्रक संचालकों की कमाई का 70 प्रतिशत हिस्सा ट्रक के डीजल में खर्च हो जाते हø।अंतराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में लगातार गिरावट आ रही है।जबकि देश में तेल और मंहगा होता रहा है।उन्होंने कहा कि ट्रक संचालकों की मांग है मोदी सरकार डीजल के दामों में तत्काल कमी लाए।उन्होंने जीएसटी में सुधार की मांग की है क्योंकि जीएसटी की जटिलताओं में ट्रांसपोर्टर उलझकर रह गए है ।

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