बुलियन व्यापारियों की दीपावली सुधरेगी

बुलियन व्यापारियों की दीपावली सुधरेगी
ƒ 50 हजार से अधिक के आभूषणों की खरीदी के लिए केवाईसी के नियम समाप्त होने से उत्साह- उमंग का संचार
व्यापार टीम
मुंबई, राजकोट, सूरत। 50 हजार रु. के आभूषण की खरीदी पर केवाईसी मानकों के तहत ग्राहक को देनी पड़ती जानकारी अब डीलर को नहीं देनी होगी। जीएसटी काøसिल की शुक्रवार को हुई बैठक में दीपावली पूर्व बुलियन व्यापारियों और ग्राहकों को राहत देने वाले इस निर्णय का सर्वत्र स्वागत किया गया है।
हालांकि, दो लाख अथवा उससे अधिक कीमत के आभूषणों की खरीदी के समय ग्राहकों को उनका पैन कार्ड देना होगा। सरकार द्वारा गत 23 अगस्त, 2017 को 50 हजार रु. अथवा उससे अधिक कीमत की खरीदी पर ग्राहकों के लिए केवाईसी मानक लागू किया गया था जिसे जीएसटी काøसिल ने रद्द कर दिया है। इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसो. (इब्जा) के सचिव सुरेद्र मेहता ने व्यापार यह जानकारी दी।
 मेहता ने आगे कहा कि सरकार का यह निर्णय आभूषण बाजार के लिए काफी अनुकूल और कारोबार को प्रोत्साहन देने वाला है।
ज्वेलरी उद्योग से निराशा
दूर होगी : दिनेशभाई नावडिया
जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काøसिल, गुजरात रीजन-चेयरमैन
ज्वेलरी उद्योग की एक मांग सरकार ने स्वीकार की है। 50 हजार रु. की खरीदी पर पैन नंबर की जरूरत नहीं है, इस सीमा को बढ़ाकर 2 लाख रु. किया गया है। तथा मनीलांडरिंग एक्ट से सोना-चांदी व्यापार को अलग रखा गया है। इन दोनों निर्णय से उद्योग को प्रोत्साहन मिलेगा तथा निराशा का वातावरण दूर होगा।
ज्वेलरी उद्योग में उत्साह का
संचार होगा : दीपक चोकसी
चोकसी ज्वेलर्स-सूरत
सोना-चांदी व्यापार को मनीलांडरिंग एक्ट से बाहर रखने का निर्णय स्वागत योग्य कदम है। सोना-चांदी की खरीदी पर पैन नंबर की सीमा 50 हजार रु. से बढ़ाकर 2 लाख रु. करने से कारोबार में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
तिमाही रिटर्न स्वागतयोग्य
कदम : हेतल मेहता
उपप्रमुख – दक्षिण गुजरात चेम्बर
आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री
देशभर में 3 करोड़ से अधिक एमएसएमई हø। 3 महीने में रिटर्न फाइल करने की सुविधा से छोटे उद्यमियों को उल्लेखनीय फायदा होगा। इसके अलावा रिवर्स चार्ज मिकेनिज्म (आरसीएम) में आगामी मार्च तक सीमा बढ़ायी है, जो स्वागतयोग्य कदम है।
आभूषण उद्योग की दिवाली सुधरेगी
हरेश सोनी, राजकोट
आल इंडिया जेम्स ज्वेलरी ट्रेड फेडरेशन
50 हजार रु. की कीमत के आभूषण पर ग्राहकों का केवायसी 23 अगस्त, 17 से अनिवार्य बनाने का कानून हटा दिया है जिससे ग्राहकों को काफी राहत मिलेगी। इससे आभूषण उद्योग की दिवाली सुधरेगी।
कम्पोजिशन स्कीम की सीमा
बढ़ने से राहत : धनसुख वोरा
प्रमुख, ग्रेटर राजकोट चेम्बर आफ कामर्स
जीएसटी में कम्पोजिशन स्कीम की सीमा 75 लाख रु. से बढ़ाकर 1 करोड़ रु. की गई है। उससे छोटे व्यापारियों, सप्लायरों और उद्योग को लाभ होगा। अब सीमा बढ़ने से नए भी कुछ लोग शामिल होंगे।

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