आम बजट पहली फरवरी को प्रस्तुत होने की संभावना

हमारे संवाददाता
 नई दिल्ली । अगला आम बजट पहली फरवरी 20117 को प्रस्तुत किया जाएगा।जिसके तहत पिछले वर्ष शुरु हुई इस परम्परा के तहत केद्रीय वित्त मंत्री श्रली अरुण जेटली पांचवीं बार आम बजट प्रस्तुत करेंगे।यद्यपि पहले ऐसी अटकलें लगाई जा रही थी कि अगले आम बजट की तारीख को जनवरी में किया जा सकता है।बहरहाल अब तमाम अटकलों पर विराम लग गया है।
दरअसल 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले एनडीए का अगले वर्ष अंतिम आम बजट होगा।जबकि पिछले वर्ष 2016 में केद्र सरकार की तरफ से आम बजट की तारीख को फरवरी के अंत से बदलकर फरवरी के पहले दिन कर दिया गया था।जिसके पीछे का तर्क यह था कि विभागों को आवंटित बजट को खर्च करने को लेकर पर्याप्त समय देना।ऐसे में  गुजरात चुनाव के दृष्टिगत अगला शीतकालीन सत्र को छोटा कर दिया है।बहरहाल केद्र सरकार की तरफ से कहा जा रहा है कि अगले आम बजट की तारीख को पहले करने को कोई सवाल ही नीं है और यह पहली फवरी 2017 को ही प्रस्तुत किया जाएगा।चूंकि 2016 में आम बजट के साथ रेल बजट को जोड़ दिया गया था।अभी तक वित्त वर्ष को अप्रैल-मार्च के बजाय जनवरी-दिसम्बर करने पर फैसला नहीं हो पाया है।
ऐसे में केद्रीय वित्त मंत्रालय की तरफ से पहली अप्रैल से वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही आम बजट की तेयारी शुरु कर ली थी।जिसके तहत सितम्बर में सभी विभागों को जानकारी जमा करने को लेकर सर्कलर जारी कर दिया गया।सभी मंत्रालयों और विभागों को 2019 को लेकर अपने अनुमानित बजट को 30 सितम्बर तक जमा करने को कहा गया था।जिसको लेकर हसमुख अधिया को राजस्वसचिव नियुक्त करने के अतिरिक्त नौकरशाहों की एक टीम को अगला आम बजट तैयार करने को कहा गया है।चूंकि पहली जुलाई को जीएसटी लागू होने के बाद यह पहला आम बजट होगा।ऐसे में अब केद्र सरकार अपने आप अप्रत्या कर प्रणाली में बदलाव नहीं कर पाएगी और उसे जीएसटी काउंसिल से अनुमति लेनी होगी।यद्यपि कस्टम शुल्क में केद्र सरकार बदलाव कर सकती है।जिसके तहत सार्वजनिक वित्त एवं नीति राष्ट्रीय संस्थान के प्रोफेसर एन आर भानुमति की तरफ से कहा गया है कि अगले वर्ष का आम बजट 2019 आम चुनाव से पहले आखिरी आम बजट होगा।

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