स्मृति ईरानी के साथ सूरत के व्यापारियों की मीटिंग सकारात्मक

स्मृति ईरानी के साथ सूरत के व्यापारियों की मीटिंग सकारात्मक
कपड़ा मंत्री ने व्यापारियों को जीएसटी काøसिल की मीटिंग में सभी प्रश्नों का समाधान लाने का दिया आश्वासन
गणपत भंसाली
सूरत। हाल ही में सूरत के कपड़ा व्यापारियों ने दिल्ली स्थित कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी के निवास स्थान पर एक मीटिंग में जीएसटी को लेकर 11 मुद्दे रखे। व्यापारियों की कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी के साथ हुई बैठक काफी सकारात्मक रखी तथा आगामी जीएसटी काøसिल की बैठक में व्यापारियों के प्रश्नों को समाधान करने का आश्वासन मंत्री ने दिया।
केंद्रीय कपड़ा मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी का रवैया अब बदला हुआ नजर आया, करीब एक माह पूर्व अपने सूरत दौरे पर यही कपड़ा मंत्री स्थानीय कपड़ा व्यवसायियों व उद्यमियों को अपनी शर्त़ों के अनुसार मिली थी, वही स्मृति ईरानी ने अब सूरत के कपड़ा उद्यमियों को दिल्ली बुलावा भेजा था और प्रतिनिधि मंडल उन्हें दिल्ली में मिल कर भी आ गया, बताया जाता हैं कि कपड़ा मंत्री ने सूरत तथा महाराष्ट्र के मालेगांव व भिवंडी आदि कपड़ा उत्पादन केंद्रों के लगभग 25 प्रतिनिधियों को मिली एवं उनके तमाम सुझावों को पूर्ण तन्मयता से सुना, करीब 2 घण्टे तक चली इस बैठक में सभी प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि उनके सुझावों पर पूर्ण गौर किया जाएगा एंव यथा सम्भव उचित समाधान भी किया जाएगा, सूरत से दक्षिण गुजरात चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स, फ़ियासवी व सीएआईटी के प्रतिनिधि दिल्ली पहुंचे थे, प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रतिनिधियों ने जो समस्याएं कपड़ा मंत्री के समक्ष रखी उनमें जी एस टी लागू होने से पूर्व के ओपनिंग स्टॉक से जुड़ी क्रेडिट की मांग प्रमुख थी, प्रतिनिधियों ने अवगत कराया कि इस प्रणाली के लागू होने से पूर्व यार्न से लेकर कपड़ा उत्पादन स्तर पर कोई टेक्स देय नहीं था, अत: जीएसटी प्रावधान की धारा 141 के तहत क्रेडिट नहीं मिल पा रही हैं, उपरोक्त क्रेडिट न मिल पाने के कारण व्यवसायियों पर दोहरे कर को जमा कराने का दायित्व आ जाता हैं, बताया जाता हैं कि कपड़ा मंत्री ने इस वाजिब मांग को अपने सचिव के ध्यानार्थ दिया जो कि शीघ्र ही जीएसटी काøसिल के समक्ष रखा जाएगा, कपड़ा व्यवसायियों ने अपनी एक परेशानी रखते  हुए बताया कि जुलाई 2017 से लागू हुई इस कर प्रणाली से व्यवसायी आंदोलन रत था अत: अनेकों व्यवसाही जीएसटी नम्बर ले नहीं पाए, अत: अब अगर विलम्ब से भी जीएसटी नम्बर लिया जाए तो उसे प्रारम्भ से ही माना जाए, एक ओर ज्वलंत मुद्दा जीएसटी विभाग में जमा रिफंड शीघ्र से शीघ्र दिलाया जाए ताकि व्यवसायी वितीय संकट से उभर सके, एक ओर समस्या आर्ट सिल्क आधारित वेलवेट कपड़े से जुड़ी थी, वेलवेट से जुड़े व्यवसायियों ने कहा कि एसएसएन कोड 58013720 के तहत वर्तमान में 12 प्रतिशत कर देय हैं, जो कि प्रतिस्पर्धा के दौर में अधिक व अव्यवहारिक है अत: उस 12 प्रतिशत को 5 प्रतिशत की श्रेणी में लाया जाए, कपड़ा कमीशन एजेंट्स की ओर एक मांग रखी गई कि उन्हें जीएसटी की बेसिक छूट का प्रावधान नही हैं अत: उन्हें भी ये छूट मिले, व्यवसायियों ने कपड़ा मंत्री के ध्यान में लाया की उनके द्वारा उत्पादित अधिकांश कपड़ा उधार प्रणाली से बिकता हैं, अत: उधारी भुगतान पर जब ब्याज जुड़ता है तो उसे जीएसटी के दायरे से मुक्त किया जाए, एक मुख्य समस्या नायलॉन कपड़ा व्यवसायियों की थी जिसमें उसके उत्पादन पर एचएसएन कोड 5402 के तहत 12 प्रतिशत जीएसटी लागू हैं, जबकि उनके इनपुट एक ऐसा एन कोड 3908 के प्रावधानों के तहत 18 प्रतिशत लागू किया गया हैं, अत: इस प्रणाली के तहत काफी पूंजी जीएसटी विभाग के पास ही जमा हो जाती हैं, इस स्थिति में कपड़ा उत्पादक असीमित वितीय संकट से घिर जाता हैं अत: उनके इनपुट चिप्स पर भी 12 प्रतिशत जीएसटी लागू की जाए, जॉब वर्क पर लागू कर प्रणाली के सम्बंध में कपड़ा मंत्री ने बताया कि इस सम्बंध में मत्रियों तथा विभागीय अधिकारियों से बात करेगी। इस मीटिंग में केट के राष्ट्रीय महामंत्री तथा जीएसटी लो एंव रूल्स सिमिति के सदस्य प्रवीण खण्डेलवाल के अलावा प्रतिनिधि मंडल के फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया आर्ट सिल्क एसोसिएशन के अध्यक्ष भरत गांधी, केट की गुजरात इकाई के अध्यक्ष प्रमोद भगत, जीएसटी संघर्ष सिमिति के सदस्य तथा चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स की ट्रेड कमेटी के सदस्य चार्टेड एकाउंटेंट दिनेश द्विवेदी, चेम्बर ऑफ कॉमर्स के सलाहकार हेमन्त देसाई व पूनम जोशी, वीवर्स एसीसीएशन के अध्यक्ष आशीष गुजराती,
नायलॉन स्पिनर एसोसिएशन के प्रतिनिधि विनय अग्रवाल, दक्षिण गुजरात यार्न डीलर के अध्यक्ष ललित चांडक, वार्प निप्टर एसोसिएशन एंव फ्लेट टेप मैन्युफेक्चर के अध्यक्ष विकास मित्तल व सासमा एंव सस्मिरा मुम्बई के प्रतिनिधि नरेंद्र राव शामिल थे। कपड़ा मंत्री ने प्रतिनिधि
मंडल के सदस्यों को आश्वस्त किया कि वे हर सम्भव उचित मांगों के निराकरण हेतु प्रयास
करेगी।

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