किसान जैविक कृषि क्रांति लाने को सुसज्ज : राधामोहन सिंह

किसान जैविक कृषि क्रांति लाने को सुसज्ज : राधामोहन सिंह
हमारे संवददाता
जैविक कृषि उत्पादों को लेकर दुनिया में एक नया बाजार तैयार है जिसकी मांग को पूरा करने को लेकर भारत के किसान जैविक कृषि क्रांति करने को उत्सुक हø।ऐसे में किसानों को और प्रोत्साहित करने को लेकर मोदी सरकार की तरफ से पूरी ताकत लगा रखी है।
नई दिल्ली से सटे नोएडा के इंडिया एक्सो मार्ट में वैश्विक जैविक महाकुंभ का उद्घााटन करते हुए मोदी सरकार के कृज्ञि मंत्री श्री सिंह ने कहा कि भारत परम्परागत रुप से दुनिया का सबसे बड़ा जैविक डोती करने वाला देश है।उन्हेंने कहा कि समय की जरुरत को देखते हुए मोदी सरकार की तरफ से किसानों को और प्रोत्साहित किया है जिसको लेकर देश में परम्परागत कृषि विकास योजना शुरु की गई है।जिसके तहत सीमित संसाधनों में बेहतर उत्पाद तैयार करने की दिशा में देश के विभिन्न राज्य में काम हो रहा है।जैविक उत्पादों की घरेलू मांग के साथ निर्यात मांग में भी बढोतरी हो रही है।उन्होंने कहा कि देश में फिलहाल 22.5 लाख हैक्टेयर भूमि में जैविक खेती हो रही है जिसमें साढे तीन लाख से अधिक किसानों को लाभ मिल रहा है।
     उल्लेखनीय है कि इस कृषि विश्व मािकुंभ में दुनिया के 110 देशों के 1400 प्रतिनिध और 2000 से अधिक भारतीय प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हø।जिसका आयोजन इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ आर्गेनिक फार्मिक मूवमेंट और ओएफआई की तरफ  से संयुक्त रुप से किया गया है।जैविक खेती से संबंधित लोगों का यह सम्मेलन दुनिया में सबसे बड़ा होगा।जिसको लेकर श्री सिंह ने कहा कि भारत की परम्परागत खेती के गुर और यहां के किसानों के पुश्तैनी ज्ञान की चर्चा करते हुए मोदी सरकार की योजनाओं का विस्तार से बखान किया।उन्होंने कहा कि हरित क्रांति के बाद खाद्यान्न के मामले में देश आत्मनिर्भर जरुर हो गया है लेकिन अब उससे आगे पौष्टिक खाद्यान्न की उपलब्धता बढाने की चुतौती बढ गई है।जिसके तहत मिट्टी की उर्वरा शक्ति क्षीण हो गई है जिसमें निवेश की जरुरत है।

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