दिल्ली-एनसीआर में कोहरा की चादर : जिम्मेदारी किसकी?

दिल्ली-एनसीआर में कोहरा की चादर : जिम्मेदारी किसकी?
नई दिल्ली। दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में बढ़ गए वायु प्रदूषण और कोहरा के लिए कौन जिम्मेदार है, वह नासा के उपग्रह से ली गई इस तस्वीर से पता चलता है। इस क्षेत्र की हर वर्ष की यह पीड़ा है। किसान रबी फसल लेने की तैयारी करने के लिए खेतों में पुरानी फसल की बची जड़ और वास को आग लगा देते है । पंजाब में खेतों में आग लगाने की मात्रा सबसे अधिक है। इस तस्वीर में जो लाल बिन्दु दिखायी देता है, वह आग का है। अब तो पंजाब के किसानों को देखकर उत्तर प्रदेश, हरियाणा और मध्यप्रदेश के किसान भी पुराना कचरा जलाने लगे है । धूंएं को शीतकालीन पवन दूर दूर-पाकिस्तान तक ले जाती है।
इस समय पूर्व और दक्षिण-पूर्व राजस्थान (अग्नि) दिशा में चलने वाली पवन ने दिल्ली और एनसीआर पर कोहरा की चादर बिछायी है। ठंडी में तापमान कम होने से प्रदूषण और कोहरा दूर होने में समय  लगता है। गर्मी में ऐसा नहीं होता। गर्म हवा और धूप प्रदूषण को इधर-उधर कर देती है। भूमध्य से उठती ठंडी पवन इराक, ईरान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान होकर राजस्थान, गुजरात के मार्फत देश में प्रवेश करेगी तब वातावरण में बदलाव होगा। यह वातावरण गर्म, नमीवाला कोहरा से घिरा अथवा ठंडा हो सकता है।
पश्चिम की प्रतिकूल गर्म हवा चलने पर उत्तर अरबी समुद्र के पानी का वाष्पीकरण होने से पवन में नमी मिलती है। इस समय ऐसा वातावरण बना हुआ है जिससे दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में आगामी सप्ताह वर्षा के झपाटा पड़ने की संभावना मौसम विभाग ने व्यक्त की है। यह वर्षा पड़ने से कोहरा और वायु प्रदूषण भी घटेगा।
 
 
 
 
 
 

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