10 लाख व्यापारियों को डिजिटल पेमेंट से जोड़ने का लक्ष्य

10 लाख व्यापारियों को डिजिटल पेमेंट से जोड़ने का लक्ष्य
हमारे संवाददाता  
नई दिल्ली । नोटबंदी के एक वर्ष पूर्ण होने के मौके पर देश भर में डिजिटल पेमेंट को तेजी से अपनाने को लेकर कन्डफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) और मास्टर्ड कार्ड ने संयुक्त रुप से नई दिल्ली में 8 नवम्बर 2017 को कैशलेस बनो इंडिया राष्ट्रीय अभियान शुरु किया। जिसे प्रस्तुत करते हुए केद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्रीमति स्मृति ईरानी ने एक डिजिटल रथ को हरी झंडी दिखाते हुए उम्मीद जताई कि यह अभियान देश भर में डिजिटल पेमेंट को भारी पैमाने पर प्रोत्साहित करेगा।यह डिजिटल भुगतानरथ आगामी 31 दिसम्बर 2017 तक देश भर में लगभग 10 लाख लोगों व व्यापारियों से डिलिटल पेमेंट को लेकर सम्पर्क करेगा।
कैशलेस बनो इंडिया अभियान को प्रस्तुत करते हुए श्रीमति स्मृति ईरानी ने कहा कि कैट एवं मास्टर कार्ड का यह संयुक्त अभियान प्रधानमंत्री श्री नरेद्र मोदी के डिजिटल इंडिया अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी बनेगा।उन्होंने कहा कि व्यापारीवर्ग देश की अर्थव्यवस्था की रीड हड्डी है ओर यह अभियान व्यापारीवर्ग के बीच लेनदेन को और अधिक विश्वसनीय एवं पारदर्शी बनाएगा तथा टेक्नोलॉजी के उपयोग से व्यापारी डिजिटल अर्थव्यवस्था का लाभ ले सकेंगे।उन्होंने कहा कि ऐसे समयमें जब देश डिजिटल इंडिया की ओर बढ रहा है।ऐसे में डिजिटल पेमेंट इसका मुख्यकेद्र है और कैशलेस बनो इंडिया अभियान व्यापारियों को डिजिटल पेमेंट से पूरी तौर पर जोड़ेगा।कैशलेस बनो इंडिया अभियान के इस चरण में यह रथ लखनऊ,कोलकाता,पुंडुच्येरी, मुम्बई और भोपाल जैसे प्रमुख शहरो ंमें आगामी 31 दिसम्बर तक जाएगा।जिसके तहत प्रत्येक शहर में कैट के व्यापारियों की टीम स्थानीय व्यापारिक संगठनों के माध्यम से अधिक से अधिक व्यापारियों को डिजिटल पेमेंट अपनाने को लेकर प्रेरित करेगी। वहीं देश के अन्य प्रमुख शहरों में भी यह अभियान साथ साथ चलाया जाएगा।इस अभियान के तहत डिजिटल पेमेंट से जुड़ने वाले व्यापारियों एवं डिजिटल पेमेंट से लेनदेन करने वाले उपभोक्ताओं को ड्रा के माध्यम से प्रोत्साहन पुरस्कार भी दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि औद्योगिक अनुमानों के तहत पिछले एक वर्ष में मोबाइल से होनेवाले लेनदेन की संख्या में 218 प्रतिशत की वृद्वि हुई है।डेबिट कार्ड से लेनदेन 103 प्रति।ात बढा है और 57 बøकों ने देश भर में यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस(यूपीआई) सेवा शुरु की है।उन्होंने कहा कि यूपीआई से होने वाले लेनदेन की संख्या अप्रैल में 38 लाख थी जो कि अक्टूबर में बढकर 7.7 करोड़ हो गई।डिजिटल लेनदेन में यह वृद्वि स्पष्ट रुप से दिखाती है कि किस तरह हमारे नागरिकों और कारोबारी समुदाय ने इसे अपनाया है।ऐसे में यह डिजिटल भुगतान रथ देश के हर कोने में पहुंचेगा।
     इस मौके पर कैट के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि डिजिटल अर्थव्यवस्था में व्यापारियों का बहुत ही अहम रोल है क्योंकि उपभोक्ताओं से सीधा सम्पर्क होने के चलते व्यापारी अर्थव्यवस्था के केद्र में है।नोटबंदी से लेकर अब तक पिछले एक वर्ष में कैट की तरफ से देश भर में डिजिटल पेमेंट अपनाए जाने को लेकर लगातार भारी संख्या में देश भर में सेमीनार,वकॉशॉप एवं सम्मेलन आयोजित करते हुए डिजिटल पेमेंट को लेकर एक वातावरण तैयार किया है।डिजिटल रथ के माध्यम से अब और अधिक तेजी से व्यापारियों को इस मुद्दे से जोड़ा जा सकेगा।
इस अवसर पर मास्टर कार्ड के ग्लोबल कम्युनिटी रिलेशन के कार्यकारी निदेशक श्री रवि अरोड़ा ने कहा कि कैट के साथ मिलकर हम संयुक्त रुप से भारत को एक कैशलेस सोसायटी में परिवर्तित करने को लेकर लगातार प्रयत्नशील है और छोटे व्यापारी नगद आधारित अर्थव्यवस्था से नगद रहित अर्थव्यवस्था तक देश को ले जाने में एक बड़ी भूमिका निभा सकते है ।जिसको लेकर मास्टरकार्ड की तरफ से 2020 तक भारत में 4 लाख लोगेंको डिजिटल पेमेंट से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया हुआ है।

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