अब सिर्फ लक्जरी 50 आइटमों पर ही लगेगी 28% जीएसटी

अब सिर्फ लक्जरी 50 आइटमों पर ही लगेगी 28% जीएसटी
देशभर के व्यापार उद्योग जगत ने जताया आभार
हमारे संवाददाता  
नई दिल्ली । नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था गुड्स एण्ड सर्विस (जीएसटी) काउंसिल की 9-10 नवम्बर 2017 को गुवाहाटी में 23 वीं बैठक आयोजित की गई थी।जिसमें जीएसटी काउंसिल की तरफ से जीएसटी के तहत 227 वस्तुओं में से 177 वस्तुओं पर जीएसटी की अधिकतम दर 28 प्रतिशत को घटाकर 18 प्रतिशत करने का फैसला किया गया है।जिससे निश्चित रुप से इन वस्तुओं से देश भर के व्यापारियों सहित आम उपभोक्ताओं को भारी राहत मिलने की उम्मीद है।ऐसे में नई अप्रत्यक्ष कर जीएसटी व्यवस्था के तहत अब सिर्फ 50 लक्जरी वस्तुओं पर ही 28 प्रतिशत जीएसटी लगेगा।जिसके तहत पान मसाला,सिमेंट, मेकअप सामान कॉस्मेटिक,प्री एण्ड ऑद्यटर शेविंग सामान,वैक्यूम क्लीनर,निजी इस्तेमाल को लेकर एयरक्राफ्ट,वाशिंग मशीन और रेफ्रिजरेटर जैसी 62 लक्जरी आइटमें शामिल हø।इसके साथ ही जीएसटी काउंसिल की बैठक में रियल एस्टेट को भी जीएसटी के दायरे में लाने का कदम उठाया जाएगा।
इस बाबत त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए देश भर व्यापार उद्योग जगत की अग्रणी कारोबारी संस्था भारतीय उद्योग व्यापार मंडल (बीयूवीएम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व भाजपा सांसद एवं बीयूवीएम के राष्ट्रीय महामंत्री श्री विजय प्रकाश जैन ने बताया कि जीएसटी काउंसिल की 23 वीं बैठक में जीएसटी की अधिकतम दर 28 प्रतिशत के तहत कुल 227 वस्तुओं में से 177 वस्तुओं में wजीएसटी की दर 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने का फैसला किया गया है जो कि बेहद स्वागत योग्य कदम है।जिससे इन वस्तुओं के कारोबारियों को व्यापार करने में कार्यशील पूंजी कम लगेगी और कारोबार करना अपेंक्षाकृत सरल होगा।ऐसे में कर की चोरी रुकेगी और राजस्व में बढोतरी होगी।वहीं इन वस्तुओं की कीमत कम होगी जिससे स्वभाविक है कि आम उपभोक्ताओं को सस्ती कीमत पर इन वस्हुओं की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।इसके साथ ही जीएसटी की अािधिकतम दर 28 प्रतिशत की श्रेणी में अब सिर्फ 50 लक्जरी वस्तुएं रह गई है जिससे कारोबारियों को विशेष दिक्कत नहीं होगी। उन्होंने बताया कि पिछले छह महीने से जीएसटी की अधिकतम दर को लेकर संघर्षरत रहे हø जिसका आखिरकार अमल हुआ है।ऐसे में उम्मीद है कि जीएसटी काउंसिल की तरफ से जीएसटी की दरों में और भी कटौती करने का प्रयास किया जाएगा।उल्लेखनीय है कि मोदी सरकार के वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली ने पिछले दिनों कहा था नई जीएसटी व्यवस्था से राजस्व की वृद्वि होने के उपरांत जीएसटी की दरों में सिलसिलेवार कटौती की जाएगी और अधिकतम दर को धीरे धीरे कम किया जाएगाजिससे कारोबारी गतिविधियां भी बढेगी और आम उपभोक्ताओं भी लाभान्वित होंगे।

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