स्वदेशी स्टेशनरी उत्पादक चीन के साथ स्पर्धा कर सकेंगे

स्वदेशी स्टेशनरी उत्पादक चीन के साथ स्पर्धा कर सकेंगे
जीएसटी घटकर 10 प्रतिशत
मणिलाल गाला
मुंबई। स्टेशनरी के अनेक आइटमों पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% किए जाने से महाराष्ट्र, गुजरात सहित देश के स्टेशनरी व्यापारियों और उत्पादकों में आनंद का माहौल है।
फेडरेशन आफ महाराष्ट्र स्टेशनरी मैन्युफेक्चर्स एंड ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रमुख पारस पी. शाह ने कहा कि प्लास्टिक रा मटीरियल संबंधित स्टेशनरी और 3926 एचएसएन कोड के आइटमों पर प्रथम 28% जीएसटी लगाए जाने से देशभर के स्टेशनरी ट्रेडर और उत्पादक चाøक उठे थे और चीन के सस्ते स्टेशनरी आइटमों के सामने टिके रहने के लिए बड़ी चुनौती पैदा हुई थी। अनेक छोटे और मध्यम उत्पादकों तथा ट्रेडरों ने अपने शटर गिरा देने की तैयारी कर ली थी, लेकिन महाराष्ट्र, गुजरात सरकार स्तर पर तथा केद्र में उच्च स्तर पर जोरदार प्रस्तुति किए जाने से सरकार ने हमारी बात सुनी और आखिरकार 28% का जीएसटी स्लेब निकाल दिया गया है और अब 5,12 और 18% के स्लेब में विभिन्न वस्तुओं को शामिल किए जाने से स्टेशनरी उद्योग को भारी राहत हुई है।
महाराष्ट्र में मुंबई स्टेशनरी उद्योग का हब माना जाता है। हमारे फेडरेशन के साथ विभिन्न 37 एसोसिएशन जुड़े है । राज्य में लगभग 5000 ट्रेडर और उत्पादक कार्यरत है ।
जीएसटी घटने से अब देश के व्यापारी और उत्पादक चीनी कंपनियों के साथ स्पर्धा करने के साथ व्यापार बढ़ा सकेंगे।
शाह के अलावा फेडरेशन के मंत्री किशोरभाई केरिया, धर्म़ेंद्र भक्ता, नेमिस मेहता, दिल्ली के अमीन गुप्ता तथा उत्पादकों में श्रीराम दांडेकर, नवनीत ग्रुप के शैलेद्र गाला, सुंदरम् के अमृतलाल शाह, अमरदीप अरोड़ा सहित की टीम ने केद्र के राज्यमंत्री मनसुखभाई मांडविया, अर्जुनराम मेघवाल, वित्तसचिव हसमुख अढिया से मिलकर जोरदार प्रस्तुति की थी। इसके अलावा महाराष्ट्र के वित्तमंत्री सुधीर मुनगंटीवार, बिक्रीकर आयुक्त राजीव जालोटा, गुजरात के बिक्रीकर कमिश्नर पी. डी. वाघेला, गुजरात भाजपा के प्रमुख जीतुभाई वाघाणी के समक्ष भी अनुरोध किया गया था, जिसका अच्छा परिणाम आया और जीएसटी में 10% की राहत होने से स्टेशनरी उद्योग ने राहत की सांस ली है। जीएसटी से पहले स्टेशनरी पर 17.5% वैट और एक्साइज तथा 2% सीएसटी थी। अब 18% जीएसटी होने से उद्योग को कर में डेढ़ प्रतिशत का फायदा होगा।

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