व्यापार-उद्योग जगत से 25 नवम्बर तक मांगे गए सुझाव

व्यापार-उद्योग जगत से 25 नवम्बर तक मांगे गए सुझाव
आम बजट की तैयारी के लिए सक्रियता बढ़ी
रमाकांत चौधरी 
नई दिल्ली । अगला आम बजट 2018-19 की तैयारियों को लेकर मोदी सरकार की तरफ से उद्योग जगत से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष करों के संबंध में सुझाव मांगे गए है ।जिसको लेकर केद्रीय वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग की तरफ से सभी व्यापार और उद्योग संगठनों से कर दरों,कर आधार बढाने एवं कर की दरों में बदलाव के संबंध में सुझाव भेजने का आग्रह किया गया है। जिसके तहत देश के उद्योग-व्यापार संगठन को 25 नवम्बर 2017 तक अपने सुझाव केद्रीय वित्त मंत्रालय को भेज सकते है ।
दरअसल अगले वित्त वर्ष का आम बजट पहली फरवरी का प्रस्तुत होगा।यह मोदी सरकार का अंतिम पूर्ण आम बजट होगा।एसे में मोदी सरकार की तरफ से अगले आम बजट में कई अहम उपायों की घोषणा कर सकती है।यद्यपि अगला आम बजट ऐसे समय में प्रस्तुत किया जा रहा है जब देश में जीएसटी लागू हो चुका है।इसके अतिरिक्त केद्रीय वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली आमबजट 2016-17 में कॉरपोरेट टैक्स की दर चार वर्ष़ों में 30 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत करने  और कई तरह की कर छूट को चरणबद्व तरीके से तर्कसंगत बनाने या पूरी तरह से समाप्त करने की घोषणा कर चुके है । ऐसे में केद्रीय वित्त मंत्रालय की तरफ से 16 नवम्बर 2017 को सभी व्यापार-उद्योग संगठनों को अगले आम बजट के संबंध में अपने सुझाव भेजने का आग्रह किया है।जिसके तहत किसी भी वस्तुओं पर टैक्स की विसंगतियों सेलेकर कर दरों में बदलाव,कर संरचना में परिवर्तन एवं प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कर आधार बढाने के संबंध में सुझाव दे सकते है ।हालांकि उद्योग व्यापार संगठनों को स्पष्ट तौर पर यह बताया होगा कि उनका सुझाव आर्थिक रुप से कितना तर्कसंगत है।इसके साथ ही उद्योग व्यापार संगठनों के पक्ष में जरुरी आंकड़ें भी पेश करने होंगे।ऐसे में अगले वित्त वर्ष का आम बजट ऐसे समय में तैयार किया जा रहा है जब कुड ही महीने पहले जीएसटी लागू हुआ है।जिसमें उद्योग व्यापार जगत को कई तरह की कटिनाईयों का सामना करना पड़ा है।जिसको लेकर स्वभाविक है कि बहुत से सुझाव जीएसटी के संबंध में हो सकते है ।इसके अतिरिक्त प्रत्यक्ष करों के मोर्चे पर भी उद्योग व्यापार जगत से संबंधित सुझाव काफी महत्वपूर्ण होंगे।

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