किसानों को राहत देने हेतु दलहन निर्यात पर रोक हटी

किसानों को राहत देने हेतु दलहन निर्यात पर रोक हटी
घरेलू बाजार में दलहनों की कीमत एमएसपी से नीचे
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । घरेलू बाजार में दलहनों की घटती कीमतों से मोदी सरकार काफी चिंतित नजर आ रही है।जिसको लेकर मोदी सरकार की तरफ से किसानों को हाøसला अफजाई करने को लेकर अहम फैसला किया है और सभी तरह की दलहनों के निर्यात पर लगे प्रतिबंध हटा लिए गए है ।ऐसे में दलहनों का निर्यात शुरु होने से कीमतें सुधरने की उम्मीद बंध गई है।जिससे निश्चित तौर पर किसानों को दलहन उपज की उचित कीमत प्राप्त हो सकेगी।यद्यपि इस फैसले से चालू रबी फसल मौसम में दलहनों की बोआई में बढोतरी होने की आशा परिलक्षित हो रही है जो कि काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दरअसल प्रधानमंत्री श्री नरेद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की 16 नवम्बर 2017 को नई दिल्ली में बैठक हुई थी।जिसमें सर्वप्रथम घरेलू बाजार में दलहनों की कीमत एमएसपी से नीचे रहने को लेकर चिंता जताई गई।जिसके उपरांत किसानों को राहत प्रदान करने को लेकर सभी तरह की दलहनों से निर्यात पर लगे प्रतिबंध को हटाने का अहम फैसला किया गया।जिसको लेकर केद्रीय सूचना एवं कानून मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मोदी सरकार के इस फैसले से एक तरफ किसान अपनी  दलहन उपज को बाजार में बेचकर उचित मूल्य प्राप्त कर सकेंगी।वहीं दूसरी तरप चालू रबी फसल मौसम में किसान दलहन फसलों की बोआई को लेकर विशेष रुप से उत्साहित होंगें।चूंकि इस समय घरेलू बाजार में अरहर, मसूर, मटर, उड़द,मूंग सहित सभी तरह की दलहनों की कीमत सरकार की तरफ से घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे हø।जिससे दलहन उत्पादक किसानों के समक्ष निराशा का माहौल है।हालांकि मोदी सरकार की तरफ से पिछले दो वर्ष़ों में दलहनों की बढती कीमतों को देखते हुए कई अहम कदम उठाए हø।जिसके चलते दलहनों की उपज में उल्लेखनीय बढोतरी दर्ज कीगई है।जिसके तहत दलहनों की उपज बढाने को लेकर मोदी सरकार की तरफ से दलहनों की न्यूनतम समर्थन मूल्य में उत्साहजनक वृद्वि की गई है।जिसके चलते दलहनों की खेती को लेकर किसानों में भारी उत्साह बना हुआ है।जिसके तहत दलहनों की उपज 36 प्रतिशत तक की उल्लेखनीय वृद्वि दर्ज की गई है।जिसके तहत 2016-17 में दलहन की कुल उपज 2.24 करोड़ टन हुई है।जबकि 2015-16 में दलहनों की कुल पैदावार 1.63 करोड़ टन हुई थी।ऐसे में 2016-17 में दलहनों की कुल उपज 58.9 लाख अधिक हुई है।वहीं दूसरी तरफ मोदी सरकार की तरफ से उपभोक्ताओं को राहत देने को लेकर पहली बार दलहन उपज का बफर स्टॉक बनाया जिसको लेकर 20 लाख टन दलहनों की खरीदी की गई।जिससेदलहनों के जमाखोरों पर रणनीति दबाव बढगया और कीमतें सातवें आसमान से धड़ाम हो गई।बहरहाल किसानों का उत्साह बनाए रखने को लेकर मोदी सरकार की तरफ से अब दलहनों का निर्यात खोल दिया गया है।इसके साथ ही दलहनों के आयात पर अप्रत्यक्ष रुप से रोक भी लगाया गया है।जिसके तहत मटर के आयात पर 50 प्रतिशत तक आयात शुल्क लगा दिया गया है।जबकि उड़द,अरहर और मूंग जैसी दलहनों के निर्यात तो पहले ही खोल दिएगएथे।
     इसीबीच मोदी सरकार के आर्थिक मामलों के मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की तरफ से केद्रीय खाद्य सचिव को दलहन की मांग,आपूर्ति व पैदावार के साथ स्थानीय व वैश्विक शिजार में दलहन के मूल्य ओर वैश्विक कारोबार की समीक्षा करने को लेकर अधिकृत किया गया है।जिसके तहत सचिवों की समिति की तरफ से दलहनों की कीमतों में अहम उतार-चढाव की जानकारी से मोदी सरकार को अवगत कराती रहेगी ताकि वस्तुस्थिति की सटीक जानकारी मिलती रहेगी।

© 2017 Saurashtra Trust

Developed & Maintain by Webpioneer