कपास निर्यात घटने की संभावना

मुंबई। भारत का कपास निर्यात पिछले अनुमान की तुलना में करीब 20 प्रतिशत कम रहने की आशंका है। पिंक बॉलवार्म के कारण उत्पादन घटने की संभावना है। विश्व के सबसे बड़े उत्पादक की ओर से निर्यात में कमी के कारण अमेरिका, ब्राजील और आस्ट्रेलिया जैसे इसके प्रतिस्पर्धियों को पाकिस्तान, चीन और बांग्लादेश जैसे एशियाई खरीदारों को अपना निर्यात बढ़ाने में मदद मिलेगी। सूत्रों के अनुसार, इस साल निर्यात योग्य अधिशेष लगभग 60 लाख गांठ (एक गांठ का वजन 170 किलोग्राम) होगा। कीटों के हमले की वजह से उत्पादन अनुमानों को संशोधित किया गया है। इससे पहले 75 लाख गांठों के निर्यात का अनुमान था। कपास के बोआई क्षेत्र में 19 प्रतिशत की उछाल ने उद्योग के अधिकारियों को 1 अक्टूबर से शुरू होने वाले 2017-2018 के सीजन में चार करोड़ गांठों के रिकार्ड उत्पादन का अनुमान लगाने के लिए प्रोत्साहित किया था। लेकिन जब किसानों ने कटाई शुरू की तो उन्होंने पाया कि खेत इन कीटों से ग्रस्त थे जो कपास के रेशों और पौधों के डोडे या फल में बीजों को खा जाते है । यह परेशानी खासतौर पर भारत के पश्चिमी राज्य महाराष्ट्र में व्याप्त थी, जो देश का सबसे बड़ा कपास उत्पादक है। हमें लगता है कि उत्पादन 3.75 करोड़ गांठ के आसपास रहेगा।
भारतीय किसानों द्वारा बीटी कपास में बीज को अपनाए जाने के बावजूद इस कीट का संक्रमण हुआ है। ये बीज कीट प्रतिरोधी होते है । सरकार ने 2006 में इस बीज को मंजूरी दी थी।
 
 
 

© 2017 Saurashtra Trust

Developed & Maintain by Webpioneer