रत्न एवं आभूषण निर्यातकों को पैकेज देने पर विचार

हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । मोदी सरकार की तरफ से रत्न एवं आभूषण निर्यात को प्रोत्साहन देने को लेकर गंभीरता पूर्वक विचार कर रही है।जिसको लेकर केद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की तरफ से रत्न आभूषण क्षेत्र के विकास को लेकर उचित कार्ययोजना के लिए रत्न आभूषण उद्योग जगत से विचार विमर्श शुरु कर दिया गया है।
दरअसल रत्न एवं आभूषण उद्योग में श्रम की अधिक जरुरत होती है ऐसे में इस क्षेत्र में निर्यात बढाने से रोजगार को व्यापक रुप से बढावा मिलेगा।जिसको लेकर केद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की तरफ से इस रत्न आभूषण उद्योग से पहले ही एक समुचित व्यवसायिक योजना तैयार करने को zािर गया है ताकि इस उद्योग का विस्तार हो सकेगा।चूंकि अगला आम बजट फवरी में प्रस्तुत किए जाने है । ऐसे में समय काफी कम रह गया है जिससे अगले एक पखवाड़े तक इस क्षेत्र को प्रोत्साहन देने को लेकर यह तय करना होगा।जिसको लेकर जेम्स एण्ड ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (जीजेईपीसी) की तरफ सोने पर आयात शुल्क 10 प्रतिशत से घटाकर 4 प्रतिशत करने की मांग की है।जिसको लेकर कहा गया है कि इस उद्योग संगठन की तरफ से अपनी सिफारिशें तैयार कर रखा है।जिसे केद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के समक्ष रखा जाएगा।ऐसे में उम्मीद है कि केद्रीय वित्त मंत्रालय रत्न एवं आभूषण के निर्यात शुल्क में कटौती की मांग पर धयान देगा।जिसको लेकर जीजेईपीसी कीतरफ से टेक्नोलॉजी अपग्रेड करने और देश भर में जेम्स एण्ड ज्वैलरी पार्क स्थापित करने की भी मांग की है।इसके साथ ही इस क्षेत्र से संबंधित कामगारों को लेकर श्रम कानूनों में ढील देने के पक्षधर है । 
सोने का अधिक आयात चालू खाते  के घाटे (सीएडी) को बढाता है।यद्यपि निर्यात के उद्देश्य से आयात करना फायदेमंद है।जिस पर काम करने की जरुरत है कि कैसे आयातित सोने को निर्यात के काम में लगाया जाए।ऐसे में बिना सोना खरीदे आभूषण बनाए जा सकते हø।सोने का आयात करना और उसे निखारकर आभूषण के रुप में उसका निर्यात करना बेहतरीन तरीका है।जिस पर विचार किया जाना चाहिए कि यह पूरी व्यवस्था काम किस तरह से करेगा।
सोने के कारोबारी आयात शुल्क में कटौती के पक्षधर है ।जिसके तहत छोटे निर्यातकों को सोना खरीदने में  मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।ऐसे में इस क्षेत्र में निर्यात को बढावा देने को लेकर प्रोत्साहन चाहते है । सोने के कारोबारियों का मानना है कि अभी निर्यात की स्थिति अच्छी नहीं है।ऐसे में निर्यात प्रोत्साहन मिलने से इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी माहौल बनेगा।उल्लेखनीय है कि चीन के बाद भारत सोने का दूसरा सबसे अधिक खपत वाला देश है।ऐसे में आभूषण उद्योग मुख्य रुप से सोने के आयात पर ही निर्भर है। ऑभूषण उद्योग और वाािणिज्य मंत्रालय कई बार आयात शुल्क में कटौती की मांग वित्त मंत्रालय से कर चुके है ।

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