विदेश व्यापार नीति की मध्यावधि समीक्षा 5 दिसम्बर को होगी पेश

विदेश व्यापार नीति की मध्यावधि समीक्षा 5 दिसम्बर को होगी पेश
भारतीय निर्यातकों की एफटीपी को लेकर बेसब्री से प्रतीक्षारत
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । मोदी सरकार की तरफ से फॉरेन ट्रेड पॉलिसी (एफटीपी) की बहुप्रतीक्षित मध्यावधि समीक्षा समीक्षा 5 दिसम्बर 2017 यानि मंगलवार को प्रस्तुत करेगी।जिसको लेकर भारतीय निर्यातकों के समक्ष विशेष रुप से उत्सुकता बनी हुई है कि आखिरकार उनको लेकर मध्यावधि समीक्षा में क्या निकल कर आती है।जिसको लेकर देखो और इंतजार करो की नीति अख्तियार किए हुए है और बेसब्री से प्रतीक्षारत है ।
दरअसल नई अप्रत्यक्ष कर प्रणाली गुड्स एण्ड सर्विस टैक्स (जीएसटी) की क्रियान्वयन के बाद निर्यातकों के समक्ष पेश होने वाली चुनौतियों को लेकर चिंतित नजर आ रहे है ।जिसको लेकर निर्यातकों की तरफ से कहा जा रहा है कि इस नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था से निर्यातकों को बाहर रखा जाए।इसके अतिरिक्त निर्यातकों की मांग है कि डृयूटी ड्रॉबैक रिफंड के काम को तेज किया जाए क्योंकि इससे उनकी कार्यशील पूंजी अटक रही है।यद्यपि पहले एफटीपी की मध्यावधि समीक्षा जुलाई  में जीएसटी के क्रियान्वयन के साथ ही की जानी थी।यद्यपि उस समय इसे टाल दिया गया था क्योंकि मोदी सरकार को इसमें जीएसटी के क्रियान्वयन के बाद निर्यातकों कें अनुभव को शामिल करना चाहती थी।जिसको लेकर विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) की तरफ से अपने कार्यालय में आदेश में कहा गया है कि नई दिल्ली स्थित डीजीएफटी मुख्यालय में 2 व 3 दिसम्बर 2017 यानि यानि शनिवार और रविवार को भी खुला रहेगा जिससे एफटीपी की मध्यावधि समीक्षा की तैयारी की जा सकेगी।जिसको लेकर डीजीएफटी की तरफ से अपने सभी अधिकारियों को शनिवार और रविवार को कार्यालय आने को आदेश  जारी किया है।चूंकि देश का निर्यात अक्टूबर में नकारात्मक दायरे में आ गया है।जिसके तहत अक्टूबर में निर्यात 1.12 प्रतिशत घटा है।ऐसे में जीएसटी के क्रियान्वयन के बाद निर्यातकों के समक्ष आ रही तरलता की समस्या के चलते निर्यात नीचे चला गया है।

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