रिफाइनिंग क्षमता 2030 तक 77 प्र.श. वृद्धि करने की योजना

रिफाइनिंग क्षमता 2030 तक  77 प्र.श. वृद्धि करने की योजना
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । देश में रिफाइनिंग क्षमता को 77 प्रतिशत बढाकर 2030 तक 43.86 करोड़ टन करने की योजना है।जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज तथा रोसनेफ्ट के नियंत्रण वाली एस्सार ऑयल की बड़ी हिस्सेदारी होगी।ऐसे में रिफाइनिंग क्षमता बढाने को लेकर गठित कार्य समूह की रिपोर्ट के तहत देश में वार्षिक 24.76 करोड़ टन कच्चे तेल को इं…धन में बदलने की क्षमता है।जिसके तहत 2025 तक इसके 41.43 करोड़ टन तथा 2030 तक 43.86 करोड़ टन पहुंच जाने का अनुमान है। 
दरअसल एक सरकारी रिपोर्ट में कहा गया है कि इस समय रिफाइनिंग क्षमता 2016-17 में ही 19.37 करोड़ टन की इúधन मांग को पार कर गई है  बहरहाल अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी की तरफ से अनुमान जताया गया है कि 2040 तक मांग 45.8 करोड़ टन तक पहुंच जाएगी।दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता देश भारत अपनी ऊर्जा जरुरत का 80 प्रतिशत आयात करता है।जिसको लेकर मोदी सरकार की तरफ से तेल आयात पर निर्भरता कम करने की योजना बनाई है। जिसके तहत रिलायंस इंडस्ट्रीज की निर्यात रिफाइनरी क्षमता 3.52 करोड़ टन से बढाने की योजना नहीं है लेकिन कम्पनी अपनी पुरानी रिफाइनरी की क्षमता 2030 तक 6.3 करोड़ टन करेगी जो कि फिलहाल 3.3 करोड़ टन है।वहीं एस्सार ऑयल की तरफ से गुजरात स्थित बड़नगर रिफाइनरी की क्षमता मौजूदा 2 करोड़ टन से बढाकर 4.5 करोड़ टन करने की योजना बनाई है।हालांकि सबसे अधिक रिफाइनरी क्षमता प्रस्तावित 6 करोड़ टन वार्षिक की रिफाइनरी से आएगी।जिसे महाराष्ट्र के पश्चिमी तट पर लगाया जाना है।इसके 2025 तक परिचालन में आने की उम्मीद है।सार्वजनिक क्षेत्र की इंडियन औयल कॉर्पोरेशन ने गुजरात,पानीपत,पारादीप और चेन्नई रिफाइनरी का विस्तार कर मौजूदा 8.07 करोड़ टन की क्षमता को बढाकर 11.65 करोड़ टन पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।ओएनजीसी ग्रुप की मौजूदा क्षमता 4.22 करोड़ टन में 2 करोड़ टन इजाफा करने की योजना है।वहीं भारत पेटोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड अपनी मौजूदा क्षमता 3.65 करोड्र टन को बढाकर 5.6 करोड़ टन करने का लक्ष्य रखा है।

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