ग्रे में मंदी : तैयार वत्रों की मांग

हमारे संवाददाता  लम्बे अवकाश के बाद आब बालोतरा जल प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रक संयंत्र कारखानों का निस्तारित जल शोधन हेतु लेना प्रारम्भ किया है, वहीं जसोल संयंत्र 15 मार्च से कार्य प्रारम्भ करेगा। इतना होने पर भी औद्योगिक गतिविधियों के नियमित व व्यवस्थित रूप से गतिशील होने में समय लगेगा। इसका कारण अधिकांश श्रमिकों का अपने गृह ग्रामों से नहीं लौटने का है। कुछ भी हो चन्द दिनों में सभी प्रक्रिया का क्रम लगातार चल सकेगा। फिलहाल औद्योगिक क्षेत्र की सडकों पर विरानी पसरी हुई है।  ग्रे क्लोथ के भावों में कुछ मन्दी के बावजूद भी उत्पादकों ने अपने तैयार माल के भावों में कोई कमी इसलिये नहीं की कि दूसरे एडहॉक खर्च़ों में भारी वृद्धि हुई है। रेडी माल की मांग दिसावरी मण्डियों से अच्छी बनी हुई है, परन्तु माल विलम्ब से ही चालान हो पा रहा है। वित्त वर्ष की समाप्ति के कारण उद्यमी लेखा-जोखा में व्यस्त हø। रकम की आवक कम का उन्हें एहसास हो रहा है।  रिको ने लॉटरी से प्लोट आवंटन के लिये जो राशि ली थी, उस लॉटरी को बिना कारण बताये निरस्त करने का रोष उद्यमियों में है। वैसे रिको ने उस राशि को लौटाने का क्रम प्रारम्भ कर दिया है। उद्यमियों का कहना है कि जब प्लोट आबंटन ही नहीं करने थे तो इतनी प्रक्रिया को अंजाम देकर उनकी राशि रोकने का अभिप्राय क्या था?  उद्यमियों को आगे सीजन अच्छी चलने की उम्मीद ज्यों की त्यों बरकरार है। उन्हें यह अवश्य लग रहा है कि जो परिस्थितियाँ बन रही है उससे लाभार्जन तो कम होगा, परन्तु व्यवस्थित कार्य प्रणाली प्रारम्भ हो जायेगी।  लघु उद्योग मण्डल ने पूर्ण सुरक्षा उपकरणों के साथ कार्य कराने का कहा है, जिससे जोखिम पर लगाम लग सके। हाल ही में घटित प्रकरणों में सुरक्षा उपकरणों का अभाव भी एक मुख्य कारण रहा है।   

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