जीरा-हल्दी : आवक बढ़ने के साथ मांग में भी सुधार

जीरा-हल्दी : आवक बढ़ने के साथ मांग में भी सुधार
हल्दी: निजामाबाद में सोमवार को 75-80 किलो की 34,000 बोरी की आवक थी, जो 60 किलो वाली लगभग 40,000 बोरी मानी जाएगी। होली के त्योहार के कारण बाजार 4-5 दिन बंद होने से सभी माल बिक गया और बाजार भी स्थिर रहा। इरोड में सोमवार को 3800 बोरी की आवक की तुलना में व्यापार 2400 बोरी का हुआ तथा बाजार 100 रु. ढीला पड़ा, लेकिन मंगलवार को आवक घटकर 2900 बोरी होने से बाजार स्थिर था। बुधवार को निजामाबाद में 60 किलो की 40,000 बोरी हल्दी की आवक थी और बाजार 100 रु. प्रति क्विंटल अच्छा रहा। होली समाप्त हो जाने से अब चारों ओर से मांग निकलेगी। 15 से 25 मार्च बाजार की तेजी-मंदी माल की आवक पर निर्भर रहेगी। जिन्हें 2000 बोरी लेनी हो, उन्हें 200-300 बोरी लेने की शुरुआत करनी चाहिए। ज्यादा लेना हो तो 15 मार्च से 25 मार्च में यदि बड़ी आवक आए तो बाजार देखकर घटने पर लिया जा सकता है। वायदा 60-61 रु. से नीचे नहीं जाएगा।  60-61 रु. आने पर एनसीडेक्स का वायदा खरीदा जा सकता है।  जीरा: ऊंझा में आवक सोमवार को 23000 बोरी और मंगलवार को 25000 बोरी थी और बाजार 2/3 रु. प्रति किलो अच्छा रहा। मगर बुधवार को 32,000 बोरी की आवक आने से बाजार फिर 3 रु. प्रति किलो घट गया। 211 रु. ऊंझा बिल्टी बिका मितेश ब्रांड आज 40 दिन में घटकर ऊंझा बिल्टी 157 रु. में दो लारी का व्यापार कोलकाता में हुआ। इस तरह बाजार प्रति किलो 50 रु. घट गया है। अब स्थानीय लेवाली तथा निर्यात की थोड़ी ग्राहकी आ सकती है। जिन्हें 2000 बोरी जीरा लेकर स्टाक करना हो, उन्हें आज 200-250 बोरी लेकर मुहूर्त करना चाहिए। अब किसानों की आवक पर बाजार की घटबढ़ रहेगी, लेकिन 15 मार्च से 25 मार्च आवक का भारी जोर रहेगा, ऐसा अनुभवियों का मानना है और मांग भी देशभर में निकलेगी। निर्यात खरीदी की भी आशा रखी जा सकती है।  धनिया: सभी केद्रों में नए माल की आवक चालू हो गई है और साथ-साथ मिलवाला, मसालावाला, स्टाकिस्ट तथा छोटे-बड़े दुकानदारों की ग्राहकी चालू हो गई है। वायदा में अब प्रति किलो अधिक से अधिक दो रु. घटने की जगह है, परंतु कभी भी धीरे-धीरे 10-12 रु. बढ़ने में समय नहीं लगेगा, ऐसा अनुभवियों का मानना है। धनिया में इस वर्ष निवेश सही-सलामत और प्रतिफल मिलने की व्यापक उम्मीद है। धनिया वायदा 53-54 रु. में खरीदा जा सकता है, ऐसा अनुभवी व्यापारियों का मानना है। यह 53-54 रु. वाला वायदा कभी भी 65-66 रु. हो सकता है। विदेश में रशिया के आसपास यूक्रेन और युगोस्लेविया जैसे उत्पादक केद्रों में 15 फरवरी से 25 फरवरी के बीच में धनिया की बोआई हो जाती है, वहां अभी 5 मार्च, 2018 तक बर्फ की चादर बिछी हुई है, सो कब बर्फ हटेगा और कब जमीन बोआई के लिए तैयार होगी, यह भगवान जाने। मगर यदि बोआई भी हुई तो 40% से ज्यादा नहीं होगी, ऐसा सिंगापुर वालों का मानना है।   

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