नए डिफेंस कॉरिडोर से होगा लघु उद्योगों को फायदा


हमारे संवाददाता
आगरा । मेक इन इंडिया के सहारे सैन्य उपकरणों का शत प्रतिशत निर्माण देश में करने का लक्ष्य है।इसमें प्रधानमंत्री श्री नरेद्र मोदी का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।जिसको लेकर उत्तर प्रदेश के आगरा में इसकी संभावना तलाशने को इन्वेस्टर्स और उद्यमियों के साथ सेना,केद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियों की बैठक की गई।जिसमें सेना को लेकर कम कीमत और बेहतर गुणवत्ता में छोटी छोटी इकाइयों में सामान बनाने की योजना पर विचार विमर्श हुआ।जिससे लघु उद्योगों को नए मौके मिलेंगे।इसके साथ ही रोजगार भी पैदा होंगे।
दरअसल इस बैठक में डीपीओ के ग्रुप कैप्टन सीएस चावला ने कहा कि सेना में प्रयोग होने वाले सोजो समान का 40 प्रतिशत हिस्सा ही देश में बनता है जबकि 60 प्रतिशत आयात किया जाता है।जिसके चलते देश का काफी धन विदेशों में चला जाता है।ऐसे में आया किए जाने वाले 60 प्रतिशत उपकरणों को देश में बनाने से सथानीय स्तरन पर रोजगार मिलेगा और लघु उद्योग का विकास होगा।जिसको लेकर डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के विकास की योजना है।जिसको लेकर
उद्योग बंधु के इग्जेक्यू टिव डायरेक्टर श्री संतोष यादन ने इस बैठक में सिंगल विंडो क्लीयरेंस की जारी दी।जबकि कर्नल संदीप सिंह ने कहा कि प्राइवेट प्लेयर्स को मौका दिया जा रहा है।वह रिसर्च एण्ड डवलपमेंट कर कम कीमत पर उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद बनाकर मेक इन इंडिया का हिस्सा बन सकते है।स्पेशल सेक्रेटरी श्री अंकित अग्रवाल ने कहा कि यह बैठक एक शुरुआत है।इसके बाद बैठकों के कई दौर चलेंगे।

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