सरकार और प्लास्टिक उद्योग समस्या का निराकरण करने के लिए मिलजुलकर काम करेंगे


मुंबई। सरकार और प्लास्टिक उद्योग विविध समस्याओं के निवारण के लिए मिलजुल काम करेंगे और भारत सरकार का रसायन और उर्वरक मंत्रालय के तहत रसायनों और पेट्रोकेमिकल (डीसीपीसी) विभाग इस क्षेत्र के सुझावों पर ध्यान देंगे, ऐसा मंत्रालय के सचिव पी. राघवेद्रराव ने आश्वासन देते हुए कहा है।
एआईपीएमए द्वारा हाल में प्लास्टिक उद्योग का इन्टर एक्टिव सत्र आयोजित किया गया, जिसको संबोधित करते हुए राव ने बताया कि महाराष्ट्र सरकार उद्योग द्वारा प्रस्तुत विविध समस्याओं से वे अवगत है । इसके सक्षम निवारण के लिए टास्क फोर्स का गठन किया गया है।
सरकार को प्लास्टिक के उपयोग को प्रोत्साहन देने के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए ऐसा एआईपीएमए के प्रमुख हितेन भेदा ने कहा। सरकार को उपभोक्ताओं को प्रोत्साहन देना चाहिए। कृषि और खाद्य प्रक्रिया के लिए प्लास्टिक कल्चर को गति देनी चाहिए। प्लास्टिक पार्कस स्थापित करने चाहिए। यह बात एमएआईपीएमए के पहले प्लास्टिक पार्क के चेयरमैन जयेश रांभिया ने कहा।
एआईपीएमए की पर्यावरण समिति के चेयरमैन और को-चेयरमैन अखिलेश भार्गव और हरेन संघवी ने कचरा व्यवस्थापन के महत्व पर जोर दिया।
इस इंटर एक्टिव सत्र में डीडीपीसी, महाराष्ट्र सरकार के अधिकारी, एआईपीएमए की मैनेजिंग कमेटी के साथ उद्योग के विविध संगठनों, विशेषज्ञों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इनमें उक्त मंत्रालयो के संयुक्त सचिव समीरकुमार विश्वास और मुख्य मंत्री सचिवालय से वरुण संघवी उपस्थित थे।

© 2018 Saurashtra Trust

Developed & Maintain by Webpioneer