गुजरात के वीवर्स एक ही शिफ्ट में उत्पादन करेंगे

गुजरात के वीवर्स एक ही शिफ्ट में उत्पादन करेंगे

यार्न उत्पादकों के खिलाफ वीवर्स का आक्रोश
 
उत्पादन में कटौती, एंटि-प्राफिटिंग आईटीसी रिफंड के मुद्दे पर चलाई जायेगी मुहिम
 
ख्याति जोशी
सूरत। पोलिएस्टर यार्न उत्पादकों द्वारा भाव में अंधाधूंध बढ़ोतरी के फलस्वरूप वीवर्स की हालत खस्ता हो गई है। अत: उन्होंने उत्पादन घटाकर सिर्फ आधी शिफ्ट चलाने का फैसला किया है।
यार्न के भाव में वृद्धि के कारण वीवर्स के पास उत्पादन में कटौती करने के सिवाय कोई मार्ग नहीं बचा है। और अब दीपावली तक आधी शिफ्ट में ही उत्पादन करने की संभावना बताई जा रही है।
उल्लेखनीय है कि आमतौर से वीवर्स 8 घंटे की शिफ्ट में उत्पादन करते है, जबकि अब शहर के पांडेसरा और वेड रोड़ पर स्थित वीवर्स आठ घंटे की एक ही शिफ्ट चलाना शुरू कर दिया है, अन्य वीवर्स एसोसिएशन भी इस मुहिम में आने वाले समय में जुड़ जायेंगे। फोगवा 14 मई के एक आमसभा आयोजित कर रही है जिसमें दीपावली तक सिर्फ उत्पादन करने एंटि प्राफिटिंग कमेटी आईटीसी रिफन्ड आदि मसलों पर चर्चा की जायेगी और इस बारे में निर्णय लिया जायेगा।
फेडरेशन आफ आल गुजरात वीवर्स एसोसिएशन (फोगवा) के अध्यक्ष अशोक जीरावाला ने बताया कि सरकार ने हमारी एक भी मांग स्वीकार नहीं की है, हम एक अर्से से आईटीसी रिफन्ड की मांग कर रहे हø। दूसरी ओर यार्न उत्पादक कार्टेन बनाकर अंधाधूंध भाव बढ़ा रहे है। साथ ही सरकार ने जीएसटी के तहत एंटि प्राफिटिंग कमेटी का गठन भी नहीं किया है, अत: हमारे पास आंदोलन के सिवाय कोई मार्ग नहीं रह गया है। इस बारे में हम आगामी 14 तारीख को एक आमसभा का आयोजन किया है। इसमें आगे भी रणनीति तय की जायेगी।
वीवर्स द्वारा उत्पादन कटौती की घोषणा किए जाने के साथ यार्न उत्पादकों ने भाव में 3 रु. की कटौती की जाने की खबर प्रसारित की गई है, लेकिन वास्तव में कोई कटौती नहीं की गई।
उल्लेखनीय है कि सूरत का कपड़ा उद्योग 40 हजार करोड़ से अधिक टर्न ओवर करता है और जीएसटी लागू होने के 10 महीने के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। अनुमान है कि सूरत में दैनिक 2.5 करोड़ मीटर कपड़ा उत्पादन होता है। जो वीवर्स़ों के आंदोलन के चलते उत्पादन में करीब 75 लाख मीटर की कमी होगी।

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