चावल का स्टॉक पांच वर्ष के उच्च स्तर पर

चावल का स्टॉक पांच वर्ष के उच्च स्तर पर

हमारे संवाददाता
भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के केद्रीय पुल में चावल का स्टॉक राज्यों से धीमे उठाव के चलते पांच वर्ष में सर्वाधिक बढकर अप्रैल में 2.5 करोड़ टन पर पहुंच गया।चूंकि 2013 के बाद चावल का इतना स्टॉक नहीं देखा गया था।ऐसे में एफसीआई की तरफ से अपनी अन्य नामित एजेंसियें के साथ मिलकर चालू खरीफ विपणन मौसम के तहत 7 मई तक  3.296 करोड़ टन चावल की खरीदी की गई।जिसमें से लगभग एक तिहाई का योगदान अकेले पंजाब में 1.193 करोड़ टन रहा।एजेंसी ने कुछ स्टॉक सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के माध्यम से घटाया बहरहाल फिर भी इसे केद्रीय पुल में आरामदायक स्तर पर नहीं लाया जा सका।
दरअसल गेहूं की खरीद का सत्र शीघ्र समाप्त हो रहा है और 7 मई तक चालू रबी विपणन मौसम को लेकर 2.967 करोड़ टन की कुल खरीदी हुई है।जिससे एफसीआई को अपने केद्रीय पुल में इतनी अधिक अधिकता से निपटने को लेकर भंडारण सुविधा की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।एफसीआई ने अपनी वार्षिक जरुरत पूरा करने करने को लेकर 20 से 30 लाख टन और गेहूं खरीदने की योजना बनाई है।जिसको लेकर एफसीआई के कार्यकारी निदेशक श्री आर.पी.सिंह ने कहा कि चावल का स्टॉक मौजूदा समय में अपेक्षाकृत अधिक है बहरहाल  यह चिंताजनक स्तर पर भी नहीं है।हमें पीडीएस के माध्यम से एक वर्ष की वितरण जरुरतों को लेकर अपने केद्रीय पुल में 3.2 करोड़ टन चावल और 3.6 करोड़ टन गेहूं की जरुरत है। हम इतने बड़े स्टॉक से निपटने को लेकर जून में ओपन मार्केट सेल (ओएमएस) शुरु करने की योजना बना रहे ।वैसे एफसीआई ने जनवरी 2018 से अपने केद्रीय पुल में कम से कम 80 लाख  टन स्टॉक को जोड़ा है।जिसको लेकर व्यापारियों की तरफ से कहा जा रहा है कि चावल स्टॉक वृद्वि की मुख्य वजह राज्यों से धीमा उठाव है।सामान्य तौर पर चावल की किल्लत से जूझ रहे राज्य आक्रमक तौर पर खरीददारी करते है बहरहाल इस वर्ष गेहूं,मक्का,ज्वार और बाजरा सहित अन्य मोटे अनाज की बम्पर पैदावार होने के चलते चावल के उठाव में अपेक्षाकृत सुस्ती बनी हुई है।

© 2018 Saurashtra Trust

Developed & Maintain by Webpioneer