ईमानदार उद्यमी को बैंक लोन मिलना ही चाहिए - सुरेश प्रभु

ईमानदार उद्यमी को बैंक लोन मिलना ही चाहिए - सुरेश प्रभु

मुंबई में आयोजित जेम-ज्वेलरी उद्योग की बैकिंग समिट में केद्रीय मंत्री का वक्तव्य
 
ख्याति जोषी
सूरत। पीएनबी घोटाले के प्रकाश में आने के बाद जेम-ज्वेलरी और हीरा उद्योग को लोन प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है। इस मामले में वाणिज्य और उड्यन मंत्री सुरेश प्रभु ने उद्योग के पक्ष में वक्तव्य देने से राहत मिली है। सुरेश प्रभु ने मुंबई में शुक्रवार को आयोजित जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन कौन्सिल बैन्किंग समिति 2018 में कहा कि सच्चे और ईमानदार उद्यमियों की बैंकों द्वारा सरलता से लोन मुहैया करना चाहिए। किसी एक बेईमान के कारण सभी उद्योगपतियों को दंडित करना उचित नहीं है। उन्होंने बैंकों को सलाह दी कि वे उठाईगिरों के सामने सतर्क रहते हुए कठोर कदम उठाने चाहिए।
बैंक समिति में केद्रीय मंत्री के अलावा राष्ट्रीयकृत बैंकों और वाणिज्य मंत्रालय के उच्च अधिकारी उपस्थित रहे थे।
वित्त संबंधी समस्या को हल करने के लिए एक वाइट पेपर प्रस्तुत किया गया था। समिट में जीजेईपीसी के अध्यक्ष प्रमोद अग्रवाल ने कहा कि जेम और ज्वेलरी उद्योग दशकों से मेहनत और सूझबूझ से आगे आया है। भविष्य में भी उत्तम प्रगति करेगा, लेकिन पीएनबी घोटाले के बाद समस्त उद्योग के लिए बøकों द्वारा एक ही प्रकार का रुख अपनाया गया है जो उचित नहीं है।
जीजेईपीसी द्वारा इस क्षेत्र के उद्यमियों को जांचने-परखने के लिए हर प्रकार से सहयोग देगी।
उल्लेखनीय है कि जेम एंड ज्वेलरी उद्योग को वित्त प्राप्त करने के लिए कभी भी परेशानी नहीं झेलनी पड़ी।
वाणिज्य सचिव रीटा टियोटिया ने समिट में `माई केवाईसी, नो योर क्लाइट' कार्यक्रम का स्वागत करते हुए कहा कि इससे उद्यमियों की पारदर्शिता बढ़ने से बैंकों के व्यवहार में आत्म विश्वास बढ़ेगा। प्रभु ने ट्रेड एसोसिएशन और बैंकों के मध्य प्रत्येक तीन महीने में एक मिटिंग बुलाने की सिफारिश की थी। साथ ही उन्होंने कहा कि स्टाक वेरिफिकेशन और वैल्यूएशन मूल्यांकन के आधार पर कंपनियों की क्रेडिट रेटिंग में संशोधन करना चाहिए।

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