यार्न की तेजी, भीषण गर्मी और रमजान के कारण कारीगरों की कमी

यार्न की तेजी, भीषण गर्मी और रमजान के कारण कारीगरों की कमी

क्रूड तेल की तेजी के कारण पोलिएस्टर यार्न हुआ महंगा, प्रेसेसिंग कास्ट और ट्रांसपोर्ट खर्च भी बढ़ा
 
कपड़े का भरसीजन अब पूरा होने को है ऐसे में मुंबई कपड़ा बाजार में ग्राहकी नहीं है। इसका कारण कपड़े का ऊंचा भाव और भारी आर्थिक संकट है। इसके बावजूद, काटन यार्न का भाव पिछले एक महीने में 10 से 15 प्र. श. बढ़ जाने से ग्रे सूती कपड़े में 2 से 4 रु. की वृद्धि देखी गई है। क्रूड तेल की तेजी के कारण सिंथेटिक्स- पोलिएस्टर यार्न का भाव बढ़ गया है लेकिन सिंथेटिक्स कपड़े की कोई पूछताछ नहीं है। भिवंडी, उंमरगाम, तारापुर की तरफ आधे लूम बंद है। जेतपुर, राजकोट, मोरबी में प्रदूषण की समस्या होने से वहां के प्रोसेस हाउस- प्रिंटिंग हाउसों पर कभी भी बंद करने की नौबत आ सकती है। दूसरी तरफ क्रूड तेल की तेजी के कारण ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ जाने की धारणा है। ट्रक भाड़ा 25 से 30 प्र. श. बढ़ जाने की धारणा है। ट्रक भाड़ा 25 से 30 प्र. श. बढ़ने की बात हो रही है। 
महाराष्ट्र में 23 जून से प्लास्टिकबंदी का अमल शुरू हो जाएगा। इससे कपड़े की थैलियों की पूछताछ निकली है। ग्रे कपड़े की थैलियां भी बाजार में आ गई है। ये थैलियें तिरुपुर, धारावी, गोवंडी में बनती है । कुछ गृह उद्योगों ने भी ऐसी थैलियां बनाना शुरू कर दिया है। 
देशावरों में कोलकाता, लखनऊ, कानपुर, दिल्ली, बंगलूर की तरफ थोड़ी-थोड़ी खरीदी शुरू हो गई है और मालों का डिस्पैच चालू हो गया है।
सूती ग्रे कपड़े का भाव बढ़ा है लेकिन ऊंचे भाव पर अधिक माल व्यापारी नहीं ले रहे है। इसका कारण यह है कि स्टाक होते कपड़े पर 5 प्र. श. जीएसटी भरना पड़ता है और घर के माल पर जीएसटी में इतना निवेश करना पड़ता है।
जीएसटी में नार्थ-दिल्ली की तरफ और यहां छोटे-छोटे व्यापारियों द्वारा चोरी करना चालू हो गया है। उदाहरण के तौर पर कपड़े के एक नग की कीमत 200 रु. हो और 4 पीस बाक्स की वास्तविक कीमत 800 रु. होती है। इस पूरे 4 नग के बाक्स की कीमत 200 रु. दिखाकर उस पर 5 प्र. श. जीएसटी भर दी जाती है और 600 रु. का माल जीएसटी भरे बगैर निकल जाता है। लेने वाला 200 प्लस 5 प्र. श. जीएसटी का चेक देता है और बाकी का नकद काला पैसा चुकाता है।
काटन आक्सफर्ड शर्टिंग्स में 40/40 140/80 की क्वालिटी व्हाइट, आरएफडी और डाइड निरंतर चालू रहता है।
शर्टिंग्स में 60/60 132/108 पूरा आउट हो गया है। इसके बदले साटीन में 60/60 165/104 चलता है। जिसका अहमदाबाद प्रोसेस भाव 100 से 120 रु. है। 60/60 175/120 का भाव 105 से 125 रु. है। 60/60 175/120 का भाव 105 से 125 रु. है। 60/60 175/120 का भाव 100 से 120 रु. है। 60/60 196/110 का भाव 150 से 180 रु. है। इसके मुकाबले मुंबई प्रोसेस का और तारापुर का भाव 10 रु. जितना ऊंचा होता है। मुंबई-तारापुर की फिनिश अच्छी आती है जबकि अहमदाबाद प्रोसेस की फिनिश ऐसी नहीं आती।
काटन लायक्रा में प्रिंट अच्छा चलता है जो सूटिंग्स में जाता है। ट्वील 40/40 132/72 डाइड अच्छा चलता है।
यार्न डाइड 60/60 और 70/70 का निर्यात सरप्लस का स्टाकलाट बाजार में काफी आया है। व्यापारी 75 से 80 रु. के भाव यह स्टाकलाट बेचते है। यह पूरा फ्रेस कपड़ा होता है लेकिन फ्रेस का रेग्युलर भाव से स्टाकलाट 40 प्र. श. कम भाव पर बिकता है।
डेनिम 30/150 पोलिएस्टर मिक्स 4.50 आस से 5 औंस का मिलों का एक्समिल भाव 85 रु. है और व्यापारी इसे 105 से 115 रु. में बेचते है । इसके मुकाबले काटन डेनिम 30/30 4.50 से 5 आस का भाव 110 से 112 रु. है। बाटमवेयर में डेनिम लायक्रा 10.50 से 12 आøस अधिक चलता है।
डेनिम उत्पादक काफी बढ़ गए है और मांग की तुलना में उत्पादन अधिक है। इसके बावजूद, डेनिम का भाव घटा है नहीं, कारण कि यार्न का भाव ऊंचा है।
आंध्र प्रदेश की एक कम्पोजिट अत्याधुनिक मिल का निर्यात सरप्लस माल नियमित बाजार में आता है। इससे व्यापारी इस मिल का रेग्युलर माल लेने के बदले सरप्लस माल ही लेते है ।
भिवंडी में काटन शटिंग्स के ग्रे का उत्पादन बढ़ने लगा है। इसके बावजूद, यह कपड़े का गार्मेन्ट बनने के बाद वाशिंग में वह जाने के बाद काफी शिकायतें आई है । भीलवाड़ा का बेसिक वीविंग और यार्न- दोनों का स्टडर्ड मिल लेवल नहीं बैठता है। इससे गार्मेन्ट्स की काफी ब्राण्डों ने भीलवाड़ा कपड़े का माल रिजेक्ट किया है और इसमें लोअर परेल का फैशन कपड़े के व्यापारी फंस गए है । कपड़ा प्रोसेस होने के बाद भीलवाड़ा का ग्रे कपड़े के वीवर्स कोई शिकायत नहीं सुनते। इसके सामने तारापुर- उंमरगाम का माल एप्रुव्ड हो गया है। इस तरह शर्टिंग्स वीविंग में भीलवाड़ा सस्ता है लेकिन इसकी क्वालिटी बराबर नहीं है। भीलवाड़ा मास प्रोडक्शन में है। हालांकि, भीलवाड़ा मुख्यतया सूटिंग्स का हब है और भीलवाड़ा सूटिंग्स की क्वालिटी का बखान होता है। 
उद्योग की हलचल
त् दी क्लोदिंग मेन्युफैक्चरर्स एसो. आफ इंडिया (सीएमएआई) के तत्वावधान में भिवंडी के अस्मिता टेक्सपा एपरल पार्क में इस शुक्र-शनिवार को आईकैम्प आयोजित किया गया है। यहां 6000 से 7000 गार्मेन्ट्स के कामगार है। इन कामगारों की आंखों का फ्री परीक्षण किया जाता है और उन्हें चश्मा भी फ्री दिया जाता है।
त् इन्टेक्स साउथ एशिया 2018 फेयर 14 से 16 नवम्बर, '18 को श्रीलंका के कोलंबो में आयोजित होर्गा। यह दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा इंटरनेशनल टेक्सटाइल्स सोर्सिंग शो होगा।
त् टाटा ग्रुप की कंपनी ट्रेन्ड लि. का वेस्टसाइट रिटेल स्टोर्स इस समय 125 है और आगामी 5 वर्ष में यह संख्या दुगुनी करने की योजना है।

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