सोयाबीन कांप्लेक्स में तेजड़ियों की घर वापसी 9.49 लाख टन अमेरिकी सोयाबीन का निर्यात सौदा हुआ कैंसल

सोयाबीन कांप्लेक्स में तेजड़ियों की घर वापसी 9.49 लाख टन अमेरिकी सोयाबीन का निर्यात सौदा हुआ कैंसल

इब्राहिम पटेल
मुंबई। चीन दुनिया का सबसे बड़ा सोयाबीन उपभोक्ता देश है। बीजिंग और वाशिंगटन के बीच चल रहे टैरिफ और व्यापार खटराग की वजह से हाल ही में व्यापारियों को सोया कांप्लैक्स में खरीद और बिक्री के निर्णय लेना मुश्किल बन गया था। इस हफ्ते खटराग के समाधान की वजह से अब चीन अधिक अमेरिकी कृषि पैदाशों की खरीददारी करेगा, ऐसा अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक ट्वीट में सोमवार को कहा था। अमेरिकी फसलों के व्यापार में चीन जैसे को तैसा नहीं करेगा, ऐसा निर्धारित होते ही सोयाबीन कांप्लैक्स में ऊडाऊड (तत्काल) खरीददारी निकली थी। मंगलवार को सोयाबीन जुलाई सीबीओटी वायदा 10.35 डॉलर प्रति बुशेल (27.218 किलो) की 4 मई के बाद की नई ऊंचाई लांघ गया था।
टैरिफ मुद्दे पर हुए विवाद के दबाव में सोयाबीन निर्यातकों भयभीत हुए थे। 1155 लाख टन रिकार्ड सोया फसल की कटाई कर रहे ब्राजील ने चीनी उपभोक्ताओं को काफी डिस्काउंट दर से निर्यात के सौदे ऑफर करना शुरू किया था। यह ऐसी कीमत थी, जो मौसमी कीमत से भी काफी कम थी। इससे पता चलता है कि इस साल अमेरिकी निर्यात व्यापार वास्तविक स्तर पर कमजोर हो जाएगा। शुक्रवार को अमेरिकी कृषि मंत्रालय ने कहा था कि कोई ग्राहक ने अज्ञात बंदरगाह पर डिलिवरी करने के लिए 9.49 लाख टन अमेरिकी सोयाबीन का निकास सौदा रद्द कर दिया था। इनमें से 8.29 लाख टन तो सितंबर शिपमैंट के सौदे थे। यूएसडीए के अनुसार, एक ही झटके में इतना बड़ा सौदा रद्द हुआ, ऐसी घटना दिसंबर 2016 के बाद पहली बार घटी थी।
रूसी सरकार के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, चीन के कोई ग्राहक को पिछले साल जुलाई से इस सप्ताह तक 8.5 लाख टन सोयाबीन की बिक्री निर्यातकों ने की थी। पिछले साल के जुलाई में खत्म हुए 12 महीनों के दौरान चीन ने 3.40 लाख टन सोयाबीन रूस से खरीदा था। अमेरिकी शीतकालीन मौसम में सौदा रद्द होने की ऐसी घटना सामान्य है, आयातक इस प्रकार अमेरिकी सौदों को रद्द करके नई फसलों के ब्राजीलियाई सौदे को पकड़ते हैं, जो आमतौर पर काफी सस्ती कीमत के होते हैं। व्यापारियों का कहना है कि पिछले सप्ताह तो ब्राजील में जिस तरह कीमत में गिरावट आई वह तो बहुत ही असामान्य घटना थी। इसके कारण, आयातक ग्राहकों अमेरिका से शिफ्ट होकर ब्राजील पहुंचे थे। ब्राजील की मुद्रा रिल व्यापक कमजोर होने की वजह से सोयाबीन बाजार में माल की बाढ़ आई थी, जिसने निर्यात बाजार को पूरी तरह बर्बाद कर ड़ाली थी।
अमेरिका की तुलना में, ब्राजील ने बहुत कम हाजिर प्रीमियम से सोयाबीन निर्यात ऑफर की, यह एक वित्तीय खेल (फाइनेंशियल गैम) थी। कीमत इस तरह ऑफर किया गया था कि यदि चीन द्वारा सोयाबीन टैरिफ लागू होता है, तब भी ब्राजील का माल खरीदने में कोई जोखिम ही नहीं रहेगा। हाल में चीन की ओर रवाना होते ब्राजील के शिपमेंट, अमेरिकी गल्फ से प्रति टन 15 से 20 डॉलर सस्ती कीमत पर ऑफर कि जा रही थी, इस कीमतें अप्रैल के अंत से पहले की थी। तब चीन ने अमेरिकी सोयाबीन पर 25 प्रतिशत आयात शुल्क लागू करने का प्रस्ताव पेश किया था। नतीजतन, अमेरिकी सोयाबीन चीन पहुंचने तक प्रति टन 100 डॉलर जितना महंगा हो जानेवाला था।
सोया ऑईल जुलाई वायदा मंगलवार को 31.80 सेंट प्रति पाउंड (454 ग्राम) के आसपास चल रहा था। पिछले छह महीनों से सोयाखली से बिलकुल विपरीत दिशा में चल रहे यह वायदा मंदौड़ियों की मजबूत पकड़ में था। अमेरिका और चीन ने उनके टैरिफ वॉर को अब बाजू पर रख दिया है। इसकी वजह से सोयाबीन कांप्लैक्स में भ्रमित हुए तेजौड़ियों अब बाजार में वापिस फिरे हैं। गैम चेंजर बनी इस घटना की वजह से इस महीने पहली बार सोया ऑईल वायदा 20 दिनों की मूविंग एवरेज के उपर चल रहा है। अमेरिकी बुवाई के प्रगति के रिपोर्ट में कहा गया है कि 56 प्रतिशत सोयाबीन बोवाई हो चुकी है, जो चार साल की 44 प्रतिशत औसत से अधिक है। 2017 में इस समय बोवाई 50 प्रतिशत हुई थी।

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