खाद्यान्न जिसों की कुल उपज 283.7 मिलियन टन होने का लक्ष्य

खाद्यान्न जिसों की कुल उपज 283.7 मिलियन टन होने का लक्ष्य
खरीफ फसल अभियान को लेकर राष्ट्रीय कृषि  सम्मेलन आयोजित      
 
रमाकांत चौधरी 
नई दिल्ली । पिछले दिनों भारतीय मौसम विभाग की तरफ से भविष्यवाणी की गई है कि इस वर्ष देश में मानसून सामान्य रहेगा।जिससे स्वभाविक है कि अगली खरीफ और रबी फसल की उपज बेहतर होने की उम्मीद बढ गई है और किसानों के समक्ष उत्साहजनक माहौल बन गया है।जिसके तहत पिछले दिनों अगले खरीफ फसल अभियान को लेकर राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन नई दिल्ली में आयोजित की गई थी।जिसमें केद्रीय कृषि मंत्रालय की तरफ से अगले खरीफ व रबी फसल मौसम को मिलाकर कुल खाद्यान्न जिसों की उपज को 6 मिलियन टन बढाकर रिकार्ड 283.7 मिलियन टन होने का लक्ष्य निर्धारित कर दिया है।जबकि 2017-18 फसल वर्ष में खाद्यान्न जिसों की रिकार्ड उपज 277.49 मिलियन टन का अनुमान जताया गया था।
दरअसल राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन में अगले खरीफ फसल अभियान पर चर्चा करते हुए केद्रीय कृषि मंत्री श्री राधामोहन सिंह ने कहा कि भारतीय मौसम विभाग की तरफ से इस बार देश में मानसून सामान्य रहने की भविष्यवाणी की है।जिससे अगले खरीफ फसल की उपज बंपर बेहतर होने की उम्मीद है।श्री सिंह ने कहा कि जैसा कि इस बार के आम बजट में घोषणा की गई थी कि किसानों को कृषि लागत मूल्य से पचास प्रतिशत अधिक कीमत सुनिश्चित किया जाएगा।जिसको लेकर निश्चत तौर पर अगले खरीफ फसल मौसम को लेकर न्यूनतम समर्थन मूल्य अपेक्षाकृत अधिक घोषित की जाएगी।जिससे सही मायने में किसानों को फसल उपज के लाभकारी मूल्य मिल सकेगा।इस मौके पर केद्रीय कृषि आयुक्त श्री एस.के.मल्होत्रा ने कहा कि केद्रीय कृषि मंत्रालय की तरफ से अगले खरीफ फसल मौसम को लेकर खाद्यान्न जिसों की उपज 141.2 मिलियन टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।जबकि अगले रबी फसल फसल को लेकर खाद्यान्न जिसों की उपज 142.5 मिलियन टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।जिसके तहत अगले खरीफ और रबी फसल मौसम को लेकर खाद्यान्न जिंसों की कुल उपज 283.7 मिलियन टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जो कि रिकार्ड स्तर दर्शाता है। जिसके तहत केद्रीय कृषि मंत्रालय की तरफ से 2018-19 फसल वर्ष में खाद्यान्न जिसों की उपज 6.2 मिलियन टन अधिक होगी।जिसमें गेहूं 2.9 मिलियन टन गेहूं और 2 मिलियन टन चावल और 1.3 मिलियन टन मोटे अनाज की उपज होगी।जिसके तहत 2018-19 फसल वर्ष में चावल का उत्पादन लक्ष्य 113 मिलियन टन होने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।जबकि 2017-18 फसल वर्ष में चावल का उत्पादन लक्ष्य 111.01 मिलियन टन का था। 2018-19 फसल वर्ष में गेहूं का उत्पादन 100 मिलियन टन हुआ है।जबकि 2017-18 में गेहूं का उत्पादन 97.11 मिलियन टन हुआ था। 2018-19 में मोटे अनाज की उपज 46.7 मिलियन टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।जबकि 2017-18 फसल वर्ष में मोटे अनाज की उपज का लक्ष्य 45.42 मिलियन टन होने का अनुमान है।2018-19 में दलहनों की उपज का लक्ष्य 24 मिलियन टन होने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।जबकि 2017-18 में दलहनों की उपज 23.95 मिलियन टन हुई थी।जबकि 2018-19 फसल वर्ष में तिलहनों की उत्पादन 36 मिलियन टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।जबकि 2017-18 में तिलहनों की उपज 29.88 मिलियन टन हुई थी।2018-19 फसल वर्ष में गन्ने की उपज 35.5 मिलियन गांठ होने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जो कि पिछले फसल वर्ष की तुलना में कमोबेश समान ही है।ऐसे में यदि खाद्यान्न जिंसों की उपज अनुमान पर सटीक उतरती है तो देश धन धान्य हो जाएगा और कृषि जिसें की उपलब्धता में व्यापक रुप से सुधार होगा।जिससे आम जनमानस को उचित कीमत पर कृषि जिसों की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी ।   

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