उत्तर प्रदेश की चीनी मिलें नए सीजन में नहीं करेंगी पेराई


पूना। चीनी का भाव मुनाफाप्रद होने से उत्तर प्रदेश चीनी उद्योग ने राज्य सरकार को बताया कि इस उद्योग का भविष्य उज्ज्वल नहीं होने से हम 2018-19 की सीजन की पेराई ही शुरू करने वाले नहीं है। इसके अलावा वे इस सीजन से संबंधित फिल्ड सर्वे और अन्य प्रगतियों में भी सहभागी नहीं रहेंगे।
उत्तर प्रदेश का चीनी उत्पादन गत वर्ष के 8773 लाख टन के लगभग 36 फीसदी बढ़कर 119.12 लाख टन हुआ है और अभी भी बढ़ रहा है। 2018-19 की पेराई के सीजन में राज्य में चीनी उत्पादन बढ़ने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश सुगर मिल्स एसोसिएशन (यूपीएसएमए) ने राज्य सरकार को 2018-19 के चीनी सीजन से संबंधित प्रगतियों में सहभागी होने में असमर्थता दिखाई थी। तीन वर्ष पहले जब राज्य सरकार ने चीनी का भाव बढ़ाया था तब भी एसोसिएशन ने इसी प्रकार की धमकी दी थी।
`यूपीएसएमए' ने सरकार को बताया है कि हमारे पास कोई रूपरेखा नहीं है। आगामी सीजन के लिए गन्ने का भाव कैसा होगा यह निश्चित नहीं है और नीची का भाव कम होने से हमे भविष्य अंधकारमय दिखाई दे रहा है। संयोग ऐसा प्रतीत हो रहा है कि 2018-19 के चीनी सीजन में पेराई करने की हमारी क्षमता नहीं है। इसमें हम फिल्ड सर्वे तथा आगामी सीजन की अन्य प्रवृत्तियों में सहभागी होने से असमर्थ हैं।
उत्तर प्रदेश के गन्ने का भाव का बकाया निकलने से भुगतान बढ़कर 12,500 करोड़ रु. हो गया है।

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