खाद्य सब्सिडी बढ़कर हुई रु. 1.43 लाख करोड़


हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत संचालित सार्वजनिक वितरण प्रणाली में बांटे जाने वाले अनाज के लागत मूल्य में लगातार वृद्वि के बावजूद केद्र सरकार की तरफ से इनके बिक्री मूल्य में संशोधन नहीं करेगी।जिसको लेकर केद्रीय खाद्य मंत्रालय ने कहा कि गेहूं व चावल के निर्गत मूल्य में जून 2019 तक कोई बढोतरी नहीं की जाएगी।जिसके चलते खाद्य सब्सिडी में लगातार वृद्वि हो रही है।जिसके तहत 2017-18 में सब्सिडी बि बोझ बढकर कुल 1.43 लाख करोड़ रुपए रुपए हो गया। श्री पासवान ने कहा कि अगले जून 2019 तक अनाज के निर्गत मूल्य में कोई बढोतरी की जाएगी।उन्होंने कहा कि चावल के मूल्य में 90.94 प्रतिशत और गेहूं में 91.82 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाती है।श्री पासवान ने कहा कि केद्र सरकार ने राशन प्रणाली की चोरी रोकने को लेकर हर संभव उपाय किए हैं।इसके साथ ही राशन दुकानदारों के कमीशन में वृद्वि कर दी है।इससे खजाने पर 4500 करोड़ रुपए का बोझ बढा है।देश के सभी राज्यों में इसे लागू कर दिया गया है।जिसके तहत देश के 80 करोड़ लोगों को रियायती दर पर अनाज दिया जाता है।उन्होंने कहा कि चालू खरीद विपणन मौसम में गेहूं की रिकार्ड खरीद हो चुकी है।इसी तरह दलहन व तिलहन की खरीद की रफ्तार भी तेज है।जिसको लेकर भंडारण का बंदोबस्त किया गया है।राशन प्रणाली को लेकर जहां 6.10 करोड़ टन अनाज की जरुरत होती है।जिसकी तुलना में भंडारण के पर्याप्त गोदाम हैं।  

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