गन्ना किसानों को राहत के लिए रु. 8500 करोड़ का पैकेज मंजूर

गन्ना किसानों को राहत के लिए रु. 8500 करोड़ का पैकेज मंजूर

30 लाख टन चीनी का बफर स्टाक बनाने एवं एथनॉल की खरीद कीमत में 6/7 रुपए की वृद्वि की मंजूरी
 
हमारे संवाददाता
केद्रीय मंत्रिमंडल की 6 जून 2018 को नई दिल्ली में बैठक हुई थी।जिसमें गन्ना किसानों को बकाया भुगतान को लेकर केद्र सरकार की तरफ से लगभग 8500 करोड़ रुपए के पैकेज की मंजूरी दे दी है।इसके अतिरिक्त चीनी का 30 लाख टन बफर स्टॉक बनाने,एथनॉल उत्पादन की क्षमता को बढाने और एथनॉल की खरीद कीमत में 6 से लेकर 7 रुपए का इजाफ करने का फैसला किया गया है।  
देश के गन्ना किसानों का चीनी मिलों पर लगभग 22000 करोड़ रुपए बकाया अटका हुआ है।जिसको लेकर केद्र सरकार की तरफ से गन्ना किसानों को फिलहाल राहत का पैकेज दिया है।यह पैकेज गन्ने 5.5 पैसे प्रति क्विंटल की वित्तीय मदद के अतिरिक्त होगा।इसकी घोषणा चंद सप्ताह पहले केद्र सरकार ने की थी।जिससे केद्र सरकार पर लगभग 15 अरब रुपए का आर्थिक बोझ पड़ेगा।इस बाबत ऑल इंडिया शुगर ट्रेड एसोसिएशन के चेयरमैन श्री प्रफुल्ल ठिठलानी ने कहा कि इस नीतिगत फैसले से देश के गन्ना किसानों को फायदा होगा।चूंकि चीनी मिलों के पास किसानों के बकाया चुकाने को लेकर धनराशि नहीं है।वहीं राष्ट्रीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि यह बेलआउट पैकेज गन्ना किसानों की समस्या का स्थाई समाधान कतई नहीं है क्योंकि पूर्व में भी इस तरह के बेलआउट पैकेज दिए जाते रहे हø।जिसके तहत यूपीए सरकार की तरफ से छह हजार करोड़ रुपए और राजग सरकार की तरफ से 1500 करोड़ रुपए का पैकेज दिया गया था बहरहाल किसानों की समस्या का समाधान नहीं हो पाया।
वेसे तो केद्र सरकार की तरफ से एथनॉल की उत्पादन क्षमता बढाने को लेकर 4500 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।इसके अतिरिक्त एथनॉल के खरीद मूल्य में 6/7 रुपए की बढोतरी की मंजूरी दी गई है।हालांकि इस समय एथनॉल 40.85 रुपए प्रति लीटर है ताकि चीनी मिलें यथाशीघ्र गन्ना किसानों को भुगतान कर सकेंगे।

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