आलू, प्याज व टमाटर के भंडारण व ग्रेडिंग हेतु विभिन्न राज्यों में बनेंगे कलस्टर

आलू, प्याज व टमाटर के भंडारण व ग्रेडिंग हेतु विभिन्न राज्यों में बनेंगे कलस्टर

हमारे संवाददाता
आम उपभोक्ताओं और केद्र व राज्य सरकार को समय समय पर मूल्यों में भारी उथल-पुथल से परेशानी मे डालने वाली कृषि उपज आलू,प्याज व टमाटर को लेकर तैयार ऑपरेशन ग्रीन की शुरुआत अगले महीने में की जाएगी।इसके मसौदे को अंतिम रुप देने की कवायद तेज हो गई है।चूंकि आम बजट में घोषित ऑपरेशन ग्रीन में इन प्रमुख सब्जियों को खेत से लेकर रसोई घर तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
दरअसल आलू,प्याज और टमाटर को संरक्षित करने के मसौदे पर अमल की तैयारियां पूरी हो चुकी है।जिसे लागू करने को लेकर देश के विभिन्न क्षेत्रों में कलस्टर मैपिंग की जाएगी।जिसको लेकर केद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग सचिव जे पी मीणा ने कहा कि आलू को लेकर उत्तर प्रदेश,पश्चिम बंशिल और पंजाब के चुनिंदा क्षेत्रों में कलस्टर बनाए जाने की योजना है।जबकि टमाटर को लेकर दक्षिण के राज्यों सहित महाराष्ट्र,मध्य प्रदेश और ंपजाब में कलस्टर बनाए जाने हैं।इसी तरह से प्याज की सघन खेती वाले क्षेत्रों को विशेष रुप से चुना जाएगा।यह कलस्टर चिन्हित करने के बाद वहां भंडारण,ग्रेडिंग व पैकेजिंग के साथ साथ आधुनिक गोदाम,कोल्ड चेन,प्रोसेसिंग उद्योग लगाने और खपत वाले क्षेत्रों तक कृषि उपज को पहुंचाने का बंदोबस्त किया जाएगा।जिसको लेकर आम बजट में कुल 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।इस धनराशि से प्रयोग इन्हीं मदों में किया जाएगा।इससे निजी क्षेत्रों को प्रोत्साहित किया जाएगा।जिसको लेकर केद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की तरप
से मसौदे पर सघन विचार विमर्श कर लिया गया है।इसकी घोषणा अगले महीने में किए जाने की संभावना है।चूंकि कृषि क्षेत्र को घाटे से उबारने और किसानों की आमदनी को बढाने की दिशा में केद्र सरकार का यह कदम काफी सराहनीय साबित हो सकता है।ऐसे में ऑपरेशन ग्रीन को चिन्हित समूहों यानि कलस्टर में ही चलाया जाएगा।जिसके तहत कृषि क्षेत्र की विकास दरन को इन फसलों के माध्यसम से रफ्तार मिलने की भी संभावना है।इसमें हिस्सा लेने पर निजी कंपनियों को वित्तीय मदद दी जाएगी ताकि इसको लेकर बुनियादी ढांचा बनाया जा सकेगा।किसानों को उपभोक्ताओं से जोड़ने की पूरी श्रृंखला को मजबूत बनाया जाएगा।जिसमें केद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की भूमिका अहम होगी।उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री कृषि संपदा योजना में 6000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।जिसका उपयोग कोल्ड चेन और वैज्ञानिक भंडारण में किया जाएगा।ऑपरेशन ग्रीन में किसानों को सीधे बाजार से जोड़ने और खपत वाले क्षेत्रों में जिंस को पहुंचाने की पूरी श्रंखला मजबूत की जाएगी।

© 2018 Saurashtra Trust

Developed & Maintain by Webpioneer