खेरची में किराना जिंसों के भाव उच्च स्तर पर स्थिर

खेरची में किराना जिंसों के भाव उच्च स्तर पर स्थिर

हमारे संवाददाता
व्यापारिक क्षेत्रों से मिली खबर के अनुसार   किराना जींसो में उंचे भाव पर  ग्राहकी का अधिक दबाव नही है  ।  आचार मसालो का सीजन है मगर मसालो का भाव कभी 100 रू हुआ करता था जो कि तुलना में   वर्तमान  में 400 रू किलो तैयार मसाले का भाव  अधिक होने पर  उपभोक्ता  का खरीदने का भी नजरिया कमजोर प्रतीत हो रहा है । । कई जिंसो के भाव का संकेतक इंडेक्स देखा जाऐ तों  एक वर्ष में नीचे से  उपर तक बढे भाव के बाद  मध्य या मध्य से उपर ही भाव बने हुए है  । जीरा, गोला, नारियल, हल्दी, मिर्च, धनिया और भी  किराना मसाला  गत् वर्ष की आलोच्य अवधि से  दूगने भाव पर है । इस वर्ष सबसे अधिक कहर ढाया है  जीरा , नारियल और गोलो के भावो ने  इस वर्ष कहर ढाया था ।  जनता के अनुसार सरकार के जादुई आंकडो में महंगाई दर नीची है मगर उपभोक्ता की खरीदी  बचत स्तर की नही है  ।  मुख्य किराना घटक  हल्दी,जीरा, काली मिर्च  भारी उंचे भाव पर है । शक्कर का भारी उत्पादन  गत् वर्ष से लगातार बढता रहा है और इस वर्ष सर्वकाली भरी उत्पादन 350 लॉखटन से अधिक  होने की संभावना है । इससे गत् दो माह पूर्व शक्कर का भाव थोक में  38.50-39.00 रू और खेरची में 45 रू  तक पहुचा था  में गिरावट  आते तक थोक में  शक्कर 2400 रू तक गत् माह में आ गई थी । उद्योगो और किसानो  के बकाया अंसतोष से सरकार की नीति ने  पुन:  तेजी की रही । विगत् हप्ते 29.50-30.00 रू से उछलते हुऐ   गत् हप्ते गुरूवार तक भाव थोक मे 3150-3200 रू तक होना बताऐ जा रहे थे । शक्कर में मंदी की धारणा नही बताई जा रही है।  खोपरा गोला में रमजान की अब पूछ परख घटने लगी है और मांग ठंडी पड गई बताते है । आगे हल्की मंदी के आसार बताऐ जा रहे है । भाव टिपटूर तरफ के गोले का 188-190 जो कि सर्वकालीन उंचे भाव पर होना बताया जा रहा है । गोला तेज रहने से खोपरा बुरा भी भारी उंचे भाव पर स्थिर ही रहा । भाव 3650 से अच्छे माल का भाव 3750 रू तक  थोक बोरे का था ।  खोपरा बुरा व्हील 4150 रू तके होना बताया गया ।  नारियल में स्थिरता रही। 250 भरती का नारियल भाव 2250 से 2270  रू तक रहा बताते है ।    आंध्र प्रदेश , इरोड  की मंडियो में  हल्दी  में हल्दी का पिछला स्टॉक और इस वर्ष  भारी बोउनी की खबरे है ।  इस वर्ष हल्दी पर बढे दामो पर अधिक उत्पादन की हवा है । हल्दी विगत् वर्ष के भाव के मुकाबले हांलाकि  इस वर्ष 10000 रू से उपर  ही  स्टाकिस्टो और सटोरियों द्वारा थामी जा रही बताया जा रहा है ।  जबकि भारी स्टॉक चलते यह पानी-पानी के भाव हो सकती है मगर स्टॉक जमा और काला बाजारी सभी स्टाकिस्ट मस्म-मस्त हो रहे है । लालगाय 145 रू तक थोक में थी ।  इसी तरह अन्य किराना घटक  भी  उपर ही थामे  जा रहे बताऐ जा रहे है । जीरा, धनिया, सौफ, सरसों ,राई , लौंग  में हलकी  तेजी हुई थी ।  काली मिर्च  में पिछले दो माह पूर्व हल्की तेजी आई थी । मांग कम होने आर धीरे सटटे में  आई कमी से यह पुन:  उंचे भाव  470 के आसपास थामी जा रही है ।  जीरा उपरी भाव पर स्थिरता है  ।  जीरा राजस्थान 15500 से 16500 रू और उंझा मध्यम का भाव 18800 से 1500 रू  और बेस्ट में 20600  रू तक होना बताया गया है । इस वर्ष साबुदाना में  कच्चे माल की भारी उपलब्धता  रहने  से भाव में तेजी का वातावरण हाल-फिलहाल नही बताय जा रहा  है । आगे सावन की मांग निकलेगी जब तेजी की संभावना है । उत्पादक प्रदेशो में तेजी नही होने  से स्थानीय में  स्थितरता है  । भाव सच्चामोती पेकिंग में  6125 और लूज में 5100 रू  बोरी में  बताया गया है । वरलक्ष्मी का भाव पेकिंग में 6100 रू तक था । सब्जियों के भाव पर खेरची विक्रेताओ की मार अधिक है । 
थोक भाव की बनिस्बत वे खेरची में  दूगुने भाव पर बेच रहे है । सब्जि विक्रेता के घर में यदि 10 जन है तो सभी 10 जन फूटपाथ पर दूकान लगाकर बैठे है चाहे उसम 10 वर्ष का बचा भी हो। जनता व्यापारियो के आगे लूट में आ रही है ।  सभी सब्जिया गत् हप्ते 50-60 रू किलो थी वही टमाटर का भाव जरूर सस्ता 40 रू किलो तक हो गया था । कुछ सब्जियां सडी टाईप बिकना नही चाहिये थी वे भी 25-30 रू किलो में खेरची विक्रेता गरबो के लिये दूकान सजाकर बैठे देखे गये हे ।    

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