गोल्ड मेनेटाइजेशन स्कीम में चुनिंदा बदलाव

गोल्ड मेनेटाइजेशन स्कीम में चुनिंदा बदलाव

घर में रखे सोने पर ब्याज कमाना हुआ और आसान
 
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम (जीएमएस) को और अधिक आकर्षक बनाने को लेकर रिजर्व बैंक  ऑफ इंडिया (आरबीआई) की तरफ से इसमें चुनिंदा बदलाव किया है।इस स्कीम में सुधार का मकसद लोगों को गोल्ड डिपॉजिट अकाउंट खोलना आसान बनाना है।जिसको लेकर आरबीआई की तरफ से एक अधिसूचना में कहा है कि शॉर्ट टर्म डिपॉजिट को बैंक की बैलेंस शीट पर लायबिलिटी की तरह माना जाए।
दरअसल आरबीआई की इस अधिसूचना में कहा गया है कि यह डिपॉजिट अधिकृत बैंकों में एक से लेकर तीन वर्ष को लेकर किया जाएगा।इसके अतिरिक्त डिपॉजिट ब्रोकेन अवधि को लेकर एक वर्ष तीन महीने,दो वर्ष चार महीने पांच दिन भी हो सकता है।हालांकि ब्रोकेन अवधि को लेकर ब्याज दर का आकलन पूरे हुए वर्ष और शेष दिन को लेकर देय ब्याज पर निर्धारित किया जाएगा।यद्यपि केद्र सरकार की तरफ से 20915 में इस स्कीम की शुरुआत की गई थी।जिसका मकसद घरों और संस्थानों में रखे सोने को बाहर लाना तथा उसका बेहतर उपयोग करना है।जिसके तहत मिडियम टर्न गवर्नमेंट डिपॉजिट (एमटीजीडी) 5 वर्ष से लेकर 7 वर्ष को लेकर ऑर लाँग टर्म गपर्नमेंट डिपॉजिट (एलटीजीडी) 12 वर्ष को लेकर किया जा सकता है।इस बारे में केद्र सरकार की तरफ से समय समय पर फैसला करेगी।इसके अतिरिक्त अन्य अवधि यानि एक वर्ष तीन महीने,दो वर्ष चार महीने पांच दिन को लेकर भी किया जा सकता है।इस स्कीम के तहत बैंक उपभोक्ताओं को घर में रखे सोने को एक निश्चित अवधि को लेकर जमा कर सकते ह।जिस पर 2.25 2.50 प्रतिशत ब्याज मिलता है।इस स्कीम के माध्यम से अब तक कई लोंगों और संस्थानों की तरफ से बैंकों में सोना जमा कराया है।इसके साथ ही देश के छह बड़े मंदिरों ने भी बैंको में सोना जमा कराया है।जिसके तहत दक्षिण भारत  के तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम मंदिर गोल्ड मूनेटाइजेशन स्कीम के तहत 2780 किलो सोना जमा कराया।ऐसे में इस मंदिर को इस योजना से जमा गोल्ड के बदले लगभग 807 करोड़ रुपए का ब्याज प्रत्येक वर्ष मिलेगा।गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के तहत लोग अपना गोल्ड बैंक में जमा कर सकते ह।जिस भी बैंक में लोग यह जमा करेंगे वह बैंक एक निर्धारित दर पर ब्याज देगा।हालांकि अब तक यह होता आ रहा था कि गोल्ड को बैंक में रखने को लेकर लोगों को लॉकर लेना पड़ता था और उस पर लोगों को स्वयं बैंकों को शुल्क चुकाना पड़ता था।ऐसे में आरबीआई की तरफ से कहा गया है कि इस स्कीम के तहत इसमें कम से कम 30 ग्राम 995 शुद्व्ता वाला सोना बैंक में रखना होगा।जिसमें बैंक गोल्ड बार,सिक्के,गहने ही मंजूर करेंगे।उल्लेखनीय है कि आरबीआइढ की तरफ से देश के सभी वाणिज्यक बैंको को इस स्कीम को शुरु करने की अनुमति मिली हुई है।जिसके तहत बैंकों को स्वयं इस स्कीम में ब्याज दरें निर्धारित करने की अनुमति दी गई है।ऐसे में मैच्योरिटी पर लोगों के पास यह विकल्प होगा कि वह पैसे या फिर वह अपना सोना वापस ले सकेंगे।यह भुगतान उस समय सोने की कीमत के आधार पर होगा।जिसको लेकर लोगों को डिपॉजिट करने करने के समय बताया होगा कि कौन विकल्प चुनना है जो कि बाद में बदला नहीं जाएगा।

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