नाफेड ने खरीदी 32 लाख टन तिलहन और दलहन

नाफेड ने खरीदी 32 लाख टन तिलहन और दलहन

हमारे संवाददाता
दलहन व तिलहन की सरकारी खरीद में नैफेड ने शानदार प्रदर्शन किया है।जिसके तहत चालू खरीद विपणन मौसम में नैफेड ने कुल 32 लाख टन दलहन व तिलहन की खरीद कर नया रिकार्ड कायम किया है।इसका लाभ देश के 20 लाख से अधिक किसानों को मिला है।ऐसे में कई राज्यों में दलहन व तिलहन की खरीद जारी है।जिससे किसानों को उनकी उपज का मूल्य सीधे उनके बैंक खातों में जमा कराई जा रही है।बहरहाल नैफेड के समक्ष खरीदी गई दलहनों के बिक्री प्रबंधन की चुनौती भी है।
नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (नैफेड) केद्र सरकार के निर्देश पर दलहन का बफर स्टॉक बनाने को लेकर खरीद करती है।नैफेड ने इसके अतिरिक्त तिलहन,प्याज और अन्य नगदी फसलों की खरीद करती है।ऐसे में 2017-18 (जुलाई-जून) फसल वर्ष में नैफेड ने कुल 31.91 लाख टन दलहन व तिलहन की खरीद की है।इसका लाभ देश के 20 लाख से अधिक किसानों को हुआ है।जिसको लेकर नैफेड ने सरकारी खरीद का पूरा भुगतान किसानों को उनके बैंक खातें में किया है।हालांकि घाटे के लंबे दौर से गुजरने के बाद नैफेड ने रिकार्ड मुनाफा कमाया है।पिछली सरकार के तहत नैफेड का वित्तीय दोहन किया गया जिससे नैफेड भारी घाटे के दौर में चली गई।चूंकि अनियमितताओं और घाटे से गुजर रही नैफेड को मौजूद केद्र सरकार ने वित्तीय मदद के साथ यहां पेशेवर को नियुक्त किया है।जिसके चलते नैफेड को जहां भारी मूनाफा हुआ वहीं केद्र सरकार की मंशा के अनुरुप खरीद की गई।नैफेड बंदी के कगार पर खड़ी थी।वित्तीय संस्थानों के कर्ज को चुकाना नैफेड को लेकर भारी पड़ने लगा था।नैफेड ने 2011 से लेकर 2014 के बीच संप्रग सरकार के कार्यकाल में कुल आठ लाख टन दलहन व तिलहन की खरीद की थी।जबकि राजग के पिछले चार वर्ष़ों के कार्यकाल में नैफेड ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 64 लाख टन दलहन व तिलहन की खरीद की है।ऐसे में केद्र सरकार ने नैफेड को जीवनदान दिया है।जिसके चलते नैफेड ने दलहन व तिलहन किसानों क हित संरक्षण में आगे बढकर एमएसपी पर खरीद की है।
नैफेड के कारोबार को रफ्तार देने को लेकर प्रधानमंत्री श्री नरेद्र मोदी के निर्देश पर बैंक गारंटी बढाकर 42 हजार करोड़ रुपए कर दी गई जबकि पिछले संप्रग सरकार के तहत यह 250 करोड़ रुपए तक सीमित थी।सुधार की इस प्रक्रिया के चलते नैफेड का कारोबार बढा और उसके मुनाफे में वृद्वि हो गई। बैंक गारंटी बढने से नैफेड को कारोबार की पूंजी को लेकर किसी का मूंह नहीं ताकना पड़ा।जिसको लेकर केद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने दलहन की रिकार्ड षिरीद करने को लेकर नैफेड के प्रबंध को सराहा है।

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