दिल्ली को सीलिंग से राहत दिलाने हेतु मसौदा तैयार


मास्टर प्लान 2021 में संशोधनों के प्रस्ताव को मिली मंजूरी
 
हमारे संवाददाता
दिल्ली को सीलिंग से राहत दिलाने का मसौदा तैयार कर लिया गया है।जिसको लेकर डीडीए के चेयरमैन और एलजी अनिल बैजल की अध्यक्षता में 19 जून 2018 को बैठक हुई थी।जिसमें मास्टर प्लान 2021 में संशोधनों के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी गई है।अब यह फाइल मंजूरी को लेकर केद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय को भेजी जाएगी।ऐसे में केद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय ही इस बाबत अधिसूचना जारी करेगा।
दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (डीडीए) ने शॉप कम रेजिडेंशियल प्लान को लेकर संशोधनों पर मंजूरी दी है।जिसके तहत 1962 से पहले विकसित इलाके लाजपत नगर,रजौरी गार्डन,तिलक नगर,कमला नगर आदि में मिक्स यूज रेगुलेशन की शर्त़ों के तहत व्यवसायिक गतिविधि जारी रह सकती है।शॉप कम रेजिडेंस काम्पलेक्स भी लोक शॉपिंग सेंटर में अपनी गतिविधियां तय शर्त़ों के अनुरुप जारी रख सकते है।जिसमें ऐसे प्लॉट का फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) रेजिडेंशियल प्लॉट के बराबर ही होगा।जिसको लेकर सरकार की तरफ से निर्धारित कनवर्जन चार्ज का भुगतान व्यापारियों को करना होगा।जबकि अन्य शॉप कम रजिडेंस प्लॉट भी असली एफएआर के तहत ही अपना व्यापार जारी रख सकेंगे।जिसके तहत ऊपनी तलों को कमर्शियल में ब दलने को लेकर तय भुगतान करना होगा।ऐसे में पार्किंग को बढावा देने को लेकर प्लॉट के मालिक को न्यूनतम 1000 वर्ग मीटर प्लॉट के साथ समाहित करने की इजाजत होगी।ऐसे प्लॉट को कंवर्जन चार्ज में 50 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी।यदि इसके बावजूद पार्किंग की व्यवस्था नहीं हो पाएगी तो ऐसी जगहों को संबंधित स्थानीय निकाय पेडिस्टेरियल शॉपिंग स्ट्रीट घोषित करेगा।यहां पर लास्ट माइल कनेक्टीविटी को लेकर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।दिव्यांग भी अपनी क्षमताओं के तहत रिहायशी क्षेत्र में इस तरह की गतिविधि कर सकेंगे।इसके साथ ही मास्टर प्लान 2021 में नॉन कनफर्मिंग एरिया में गोदाम कलस्टर के पुनर्विकास को लेकर भी संशोधन मंजूर हुए है। जिसके तहत स्टहै अलोन गोदाम की सीधी निकासी न्यूनतम 30 मीटर चौड़ी रोड पर होनी चाहिए।लाल डोरे और विस्तारित लाल डोरे में गोदाम की मंजूरी उन्हीं जगहों पर दी जाएगी जहां 300 वर्ग मीटर प्लॉट साइज की निकासी 9 मीटर चौड़ी रोड पर और इससे बड़े प्लॉट साइज की निकासी 12 मीटर चौड़ी रोड पर हो।इस गोदाम के पास पार्किंग सुविधा जरुर हो और वह प्लॉट के अंदर ही हो।इसके साथ ही इन्हें ट्रेफिक और अग्निशमन विभाग से एनओसी भी लेनी होगी।सामानों की लोडिंग और अनलोडिंग प्लॉट के अंदर ही होगी।जिनके प्लॉट नॉन कनफर्मिंग एरिया में है और 30 मीटर चौड़ी रोड पर उनका एक्सेस नही है उन्हें कनफमिंग एरिया में शिफ्ट करना होगा।इसके अतिरिक्त नॉन कनफर्मिंग कलस्टर ऑफ गोदाम,वेयरहाउस जिनके पास न्यूनतम दो हैक्टेयर की जगह है और कलस्टर में 55 प्रतिशत प्लॉट है के सर्वे के बाद उस क्षेत्र को लेकर पुनर्विकास प्लान तैयार किया जाएगा।

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