थोक में शक्कर के भाव में राह, नारियल में भारी तेजी : जीरा, कालीमिर्च में सट्टात्मक गतिविधियां

 
हमारे संवाददाता 
स्थानीय सियागंज किराना मंडी में गत् हप्ते  मसाला घटको में सट्टात्मक तेजी-मंदी का हल्ला रहा जिससे कुछ  किराना घटको में उतार चढ़ाव होना बताया गया । पूर्व के वर्ष़ों में कुछ ही घटक पर सट्टा होता था मगर वर्तमान में प्रत्येक घटक पर वायदा बाजार का सट्टात्मक कार्य प्रवेश कर गया है । वायदा बाजार शुरू होने के पूर्व सरकार ने यह यह प्रतिक्रिया दी थी कि इससे व्यापारियों पर अंकुश लगेगा तथा भाव पर भी अंकुश रहेगा । तस्वीर जनता के सामने है  । गत् वर्ष से शक्कर में सट्टे  की तेजी और नहीं बेचान होने से बाद में बढ़ते स्टॉक का प्रपंच बना हुआ और शाक्कर के भारी भाव 2400-2500 रु. तक थोक में गिर गये  । दूसरी तरफ उद्योगों  द्वारा किसानों की गन्ना मूल्य भरपाई नहीं की होने से किसानों की माली हालत पर सरकार द्वारा चिंता हुई । इस प्रकार के मिले जुले समीकरण से सरकार ने किसानों की भरपाई करने और उद्योगों को राहत देने के कार्य किये इससे शक्कर के भाव पुन: उछलकर 3300-3400 रु. हो गये । गत् थोक मंडी में  भाव मंदी में 3250 रु. तक होना बताए जा रहे थे । विगत् हप्ते से आयी नरमी 3400 से 3250 रु.  है जो कि राहत में है । खेरची भाव 36 से 38 रु. प्रति किलो तक बताए जा रहे थे ।  व्यापारिक क्षेत्रों के अनुसार शक्कर पर केंद्र एवं राज्यो की  लड़ाई में उद्योगपतियों और ऊंचे व्यापारियों ने भारी हाथ धोना बताया गया । मिली खबरों से शक्कर उत्पादन पर परवर्ती उत्पादों से शक्कर उद्योगों को भारी फायदा मिलता है मगर फिर भी शक्कर उद्योग हानि का रोना रहते है ।
हल्दी वायदा व्यापर में पिछले पिछले वर्ष से 9500 रु. के आसपास लगातार चलती रही है । गत् वर्ष  भारी उत्पादन और स्टॉक के बावजूद सट्टा वायदा व्यापार और हाजिर व्यापार में  भारी तेजी 10500 से 14000 रु. क्वालिटी मुजब पर हो गई है । उपरी भाव पर इसे उचे व्यापारियों ने थाम रखा बताया जा रहा है । छोटे व्यापारियों के अनुसार सट्टे में उपर के भाव पर गई हल्दी को कुछ बड़े स्टाकिस्टों ने जमा कर रखी है सो वे हल्दी को नीचे नहीं आने देना चाह रहे बताए जा रहे है । जबकि आगे उत्पादक प्रदेशों में आगे के उत्पादन की भी तैयारी है ।  छोटे व्यापारियों के अनुसार हल्दी का भविष्य अनबिके अधिक स्टॉक  के कारण आगे मंदी सूचक ही रहेगा । हल्दी पावडर 501 नं 2050 रु.  तक बताया गया।  हल्दी, जीरा,  ग्राहकी अभाव में भारी ऊंचे भाव  ग्राहकी दम नहीं है ।  भाव लगभग स्थिर ही रहे । अचार मसाले का सीजन होने से  सौफ मोटी और राई सरसों में तेजी थी ।  जीरा में ऊंचे भी भाव पर  मांग कमजोर चल रही है ।  स्टाक वाले भी ऊंचे भाव पर धाप गये है। गत् वर्ष भारी उत्पादन पर अधिक स्टॉक  में जाने से वायदा सटोरियों का ध्यान से हालांकि जीरे में मंदी की धारणा भी नहीं हानो बताई जा रही है  । भी भारी तेजी है । खेरची भाव 260-275 रु. किलो तक हो गये है । वर्तमान में जीरा मध्यम का भाव 17000 से 18000 रु. और ऊंझा मध्यम का भाव 21000 रु. तक होना बताया जा रहा है । कालीमिर्च में निर्यातकों और वायदा बाजार की बेरूखी से  भाव घटते बताएं जा रहे है  । जनता के अनुसार विश्व बाजार में उत्पादक देशों में भारी उत्पादन और देश मे गत् वर्ष के भारी उत्पादन के साथ ही इस वर्ष भी अच्छे उत्पादन के अनुमान से कालीमिर्च मे गिरावट का दौर जारी है ।  कालीमिर्च  हाजिर थोक में भी 370 से 380 रु. निम्न की और कालामोती-मटरदाना का भाव  470  रु. तक बताई जा रही थी । मगर खेरची में व्यापारी खुलकर 550  रु. के भाव ही बेच रहे थे । क्वालिटी ग्राहक नहीं देखता है इससे व्यापारी निम्न किस्म के माल पर भी भारी मुनाफे में रहते है ।  आगे ती-त्योहारों का मौसम रहेगा इससे साबुदाना पर व्यापार क्षेत्र की नजरे है । स्टॉक और उत्पादन पर गणित लगाते बताऐ जा रहे है । साबुदाना उत्पादक प्रदेश में हाल-फिलहाल तेज नहीं रहने से स्थानीय मंडी में भी स्थिरता बनी हुई ।  साबुदाना एवरेज 4300 से 4500 रु.  वही बेस्ट साबुदाना का भाव 5850  रु. तक होना बताया गया ।  जनता के अनुसार देश में  त्योहारों पर उपवास - आस्था आदि से साबुदाना की खपत बढ़ गई होने से साबुदाना जैसे फरियाली घटक पर अब नरमी की संभावना कम ही बताई जा रही है । वैसे देश में चलन आम हो गया है कि अधिक खपत वाली वस्तुओं पर अधिक सट्टा व्यापार कर कमाई की जा सकती है । नारियल में मांग रहने से गत् हप्ते पुन: तेजी बनी है । 250  भरती का नारियल भाव लगभग  2250 रु. से बढ़ाकर 2350-2400 रु. तक बोला जा रहा था । मंडी में 8 से 10  गाड़ियों की औसत आवक रही। ऊंचे भाव पर गोला में अब मांग कमजोर हो चली बताया जा  रहा है इससे  भाव में मामूली मंदी रही । भाव 190 रु.  हो गये थे । खोपरा बुरा में आगे वैवाहकि मांग नहीं बताई जा रही है । बरसात में भरावा भी अधिक नहीं किया जाता है ।  व्यापारिक मांग की गतिविधयां कमजोर रहने से स्थिरता रही। व्हील ब्रांड के  भाव 3870 रु. भाव रहा ।

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